• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

SIR in Indore: सॉफ्टवेयर में मैचिंग के दौरान 5.70 लाख वोटर्स के पिता के नाम, जन्मतिथि और नाम में मिली गड़बड़ी

Indore Voter List: इंदौर जिले में करीब 5.70 लाख मतदाता तार्किक त्रुटि श्रेणी में सामने आए हैं। नाम की स्पेलिंग में गलती, नाम का अधूरा होना, सरनेम में ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Sun, 11 Jan 2026 07:46:51 AM (IST)Updated Date: Sun, 11 Jan 2026 07:54:23 AM (IST)
SIR in Indore: सॉफ्टवेयर में मैचिंग के दौरान 5.70 लाख वोटर्स के पिता के नाम, जन्मतिथि और नाम में मिली गड़बड़ी
बीएलओ घोषणा पत्र भरकर मतदाता की पुष्टि करेंगे, यदि इसमें गलत मैपिंग हुई है तो उसमें सुधार कर नोटिस जारी होंगे। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है, जिनके पिता का नाम मेल नहीं खा रहा
  2. नाम की स्पेलिंग में गलती, नाम का अधूरा होना, सरनेम में बदलाव की त्रुटियां
  3. इनको किसी तरह से नोटिस जारी नहीं होंगे यानी यह सूची से बाहर नहीं होंगे

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे-आपत्ति की सुनवाई जारी है, लेकिन इस बीच मतदाता सूची को लेकर अजीब स्थिति सामने आई है। जिले में करीब 5.70 लाख मतदाता तार्किक त्रुटि श्रेणी में सामने आए हैं, जिनके रिकार्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैप तो हो गए हैं, लेकिन विवरणों में विसंगतियों के कारण वे संदेह के घेरे में हैं। यह संख्या उन 1.33 लाख मतदाताओं से अलग है, जिनकी वर्ष 2003 से मैपिंग नहीं हुई।

दरअसल, निर्वाचन आयोग के सॉफ्टवेयर द्वारा रिकॉर्ड मिलान के दौरान पांच प्रकार की तार्किक त्रुटियां चिह्नित की गई हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है, जिनके पिता का नाम 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा। नाम की स्पेलिंग में गलती, नाम का अधूरा होना, सरनेम में बदलाव और जन्मतिथि में अंतर जैसी त्रुटियां भी सामने आई हैं। इन मतदाताओं को आयोग ने संदेह के घेरे में रखा है। हालांकि, इस श्रेणी के मतदाताओं के लिए राहत की बात यह है कि इनको किसी तरह से नोटिस जारी नहीं होंगे यानी यह सूची से बाहर नहीं होंगे।


उप जिला निर्वाचन अधिकारी नवजीवन विजय पंवार का कहना है कि आयोग ने कुछ मतदाताओं को तार्किक त्रुटि में शामिल किया है। इनका सुधार बीएलओ द्वारा अपने मोबाइल लॉगिन से किया जाएगा। बीएलओ घोषणा पत्र भरकर उक्त मतदाता की पुष्टि करेंगे। यदि इसमें गलत मैपिंग हुई है तो उसमें सुधार कर नोटिस जारी होंगे।

24.20 मतदाताओं ने भरे फार्म

इंदौर जिले की मतदाता सूची में शामिल 28.67 लाख मतदाताओं के फार्म भरने का कार्य चार नवंबर से 11 दिसंबर तक किया गया। इस दौरान 24 लाख 20 हजार 171 मतदाताओं के फार्म भरकर आए, इसलिए इनको प्रारंभ मतदाता सूची में शामिल किया गया है। इसमें एक लाख 33 हजार 696 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई थी और अब इनसे दस्तावेज लिए जा रहे हैं। वहीं चार लाख 47 हजार 123 मतदाताओं के फार्म नहीं आने से इनका नाम प्रारंभ मतदाता सूची से हटाया गया है। इसमें स्थानांतरित, मृतक और पते पर नहीं मिलने वाले मतदाता शामिल हैं।

ये त्रुटियां सामने आईं

नाम में त्रुटि : वर्तमान मतदाता सूची में मतदाता का नाम रामलाल दर्ज है, जबकि 2003 की सूची में नाम राम था।

पिता का नाम बेमेल : 2003 की सूची में पिता के नाम के साथ सरनेम नहीं था, लेकिन अब नाम के साथ सरनेम दर्ज है।

मैपिंग की परेशानी : एक पालक की छह से अधिक नामों से मैपिंग नहीं होना चाहिए, लेकिन कुछ मामलों में अधिक हुई है।

उम्र की परेशानी : बच्चों और पिता की उम्र में 15 साल से कम और 50 साल से अधिक का अंतर सामने आ रहा है।

दादा की उम्र : कई मतदाताओं के दादा की उम्र में 40 साल से कम का अंतर दिखाई दे रहा है।