
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : स्वामित्व योजना का काम नहीं करना सांवेर तहसील के छह परिवीक्षाधीन पटवारियों को भारी पड़ा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंगलवार को उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। अधिकारियों के मुताबिक, पटवारियों को पहले काम करने की समझाइश दी गई थी, लेकिन उन्होंने योजना के तहत काम नहीं किया।
बर्खास्त पटवारियों में शैलेश राठौर, रंजीत मंडलोई, सकलेंद्र सिंह भदौरिया, अदम्य त्रिपाठी, दीपा गुप्ता और संजय कुमार रजक शामिल हैं। कुडना हलका में पदस्थ दीपा गुप्ता को 527 अधिकार अभिलेखों का निष्पादन करना था, लेकिन उन्होंने एक भी अभिलेख का निष्पादन नहीं किया।
रंजीत मंडलोई को 259, शैलेश राठौर को 223, सकलेंद्र सिंह भदौरिया को 598, संजय कुमार रजक को 170 और अदम्य त्रिपाठी को 418 अभिलेखों का निष्पादन करना था। इन सभी ने भी एक भी अभिलेख का निष्पादन नहीं किया। प्रदेश में योजना को लेकर पटवारी संघ और सरकार के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है।
पटवारियों को आशंका थी कि जमीन के मालिकाना हक और संभावित विवादों के मामलों में उन्हें कानूनी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। इसी कारण संघ ने योजना के काम से दूरी बनाई थी। हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ बातचीत में मांगों और कानूनी संरक्षण पर चर्चा हुई थी।
शासन के मुताबिक, आशंकाओं का समाधान किया जा चुका है, लेकिन विवाद पूरी तरह नहीं सुलझा। इस मामले में पटवारी संघ की प्रतिक्रिया नहीं मिली।
स्वामित्व योजना में काम करने को लेकर प्रदेश में पटवारी संघ और सरकार के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही है। पटवारियों की आपत्ति है कि जमीन के मालिकाना हक और संभावित विवादों के मामलों में उन्हें कानूनी जिम्मेदारी उठानी पड़ सकती है। इसी आशंका के चलते पटवारी संघ ने योजना के काम से दूरी बनाई थी।
हाल ही में मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत में पटवारियों की मांगों और कानूनी संरक्षण के मुद्दे पर चर्चा हुई थी।इसमें उनकी आकंशाओं का हल शासन द्वारा किया जा चुका है। इसके बावजूद विवाद पूरी तरह नहीं सुलझा है।इस मामले में पटवारी संघ की तरफ से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिली।जिला पदाधिकारियों के फोन बंद थे।
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