
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनाई सड़कों की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब एमओजी लाइंस की स्मार्ट सिटी सड़क पर पानी बहने का मामला सामने आया है। मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे सड़क के नीचे बिछी पाइप लाइन फूट पड़ी। डिवाइडर और सड़क के दो हिस्सों के बीच पानी बह निकला। इसे देख राहगीर भौंचक रह गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर पानी कहां से आ रहा है।
उन्होंने इसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दी, लेकिन मामला नगर निगम के जोन 2 और 15 के बीच उलझ गया। दोनों जोनल अधिकारियों ने यह कहकर कि यह एरिया उनके जोन में नहीं आता, अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली। मामला स्मार्ट सिटी सीईओ तक पहुंचा जिसके बाद सुधार कार्य शुरू हुआ।
एमओजी लाइंस का क्षेत्र स्मार्ट सिटी एरिया में आता है। मंगलवार शाम सराफा स्कूल के सामने अचानक सड़क पर पानी बहने लगा। करीब एक घंटे तक पानी बहता रहा और राहगीर परेशान होते रहे। सड़क पर पानी होने से वाहन चालक भी परेशान होते रहे।
सराफा स्कूल के सामने का हिस्सा हमारे जोन में नहीं आता है, इसलिए मैं कुछ नहीं बता सकता। यह क्षेत्र जोन 15 में आता है। - राजेश चौहान, जोनल अधिकारी जोन-2
उक्त एरिया हमारे जोन में नहीं बल्कि जोन-2 में आता है। मुझे मामले की जानकारी नहीं है। पीएचई वाले बता सकेंगे। - नदीम खान, जोनल अधिकारी जोन-15
पॉलिटेक्निक कालेज के सामने लीकेज हुआ था। पाइप लाइन फूटने की वजह से ऐसा हुआ था। हमने सुधार कार्य करवा दिया है। - अर्थ जैन, सीईओ स्मार्ट सिटी कंपनी इंदौर
सामान्यत: सीमेंट की सड़कें 12 या 15 फीट चौड़ाई की बनती हैं। इनमें प्रत्येक 500 एमएम की दूरी पर सरिए लगाए जाते हैं। सड़क के नीचे पाइप लाइन में लीकेज हुआ है तो बगैर सड़क तोड़े सुधार कार्य मुश्किल है। यही वजह है कि कुछ बड़े शहरों में सड़क के नीचे जहां पाइप लाइन गुजर रही है वहां पेवर ब्लाक लगाए जाते हैं। -अतुल शेठ, इंजीनियर
नौ सितंबर को नसिया रोड पर ड्रेनेज लाइन बिछाने के बाद लगाए गए पेवर ब्लाक धंस गए थे। इसके चलते सड़क पूरी तरह से बैठ गई। कुछ जगह तो ब्लाक ढाई से तीन फीट नीचे तक आ गए थे। हालांकि निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि लोडिंग वाहन की वजह से ब्लाक धंस गए थे।
28 अगस्त को गाड़ी अड्डा स्थित वाल्मीकि बस्ती में सड़क पर 20 फीट गहरा गड्ढा हो गया था। जिस जगह सड़क धंसी थी, वहां से रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क धंसने के समय सड़क पर कोई वाहन नहीं था वरना बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
जिस जगह यह सड़क धंसी थी, वहां भी पास ही में ड्रेनेज का चेंबर है। आरंभिक जांच में ड्रेनेज लाइन बिछाने वाली एजेंसी की लापरवाही सामने आई है। एजेंसी ने लाइन बिछाते समय फूटे पाइप बिछाए, जिससे मिट्टी धीरे-धीरे बही और सड़क धंस गई।
एक माह पहले गोराकुंड चौराहा पर पानी लाइन की टेस्टिंग के दौरान सड़क धंस गई थी। जिस वक्त सड़क धंसी, उस वक्त वहां वाहनों की सामान्य आवाजाही थी। अचानक जमीन धंसने और तेजी से पानी आने से लोग घबरा गए। पानी के दबाव के चलते डामर और पेवर ब्लाक उखड़ गए। बाद में नगर निगम ने अस्थायी सुधार कार्य किया।
20 सितंबर को पंढरीनाथ सड़क अचानक धंस गई और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया। हादसा सुबह के वक्त हुआ था। उस वक्त सड़क पर वाहनों की आवाजाही नहीं थी, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर गिट्टी-मुरम से गड्ढा भर दिया। बताया जा रहा है कि पाइप लाइन में लीकेज की वजह से मिट्टी हट गई थी, जिसके बाद सड़क धंस गई।
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