
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कलेक्ट्रेट में आयोजित विशेष वृद्धजन जनसुनवाई शिविर कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत का मंच बनकर सामने आया। पारिवारिक विवाद, मकान कब्जा, भरण-पोषण और पेंशन जैसी समस्याओं से परेशान बुजुर्गों को यहां त्वरित समाधान मिला। सबसे भावुक मामला कुंदन नगर निवासी बुजुर्ग महिला सीता बकावले का रहा, जिन्हें प्रशासन की समझाइश के बाद उनके पुत्रों ने मकान के दस्तावेज लौटाए और हर माह गुजारा भत्ता देने की सहमति भी दी।
मकान के दस्तावेज वापस नहीं कर रहे थे
शिविर में पहुंचीं सीता बकावले ने शिकायत की थी कि उनके पुत्र लंबे समय से मकान के दस्तावेज वापस नहीं कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाइश दी। बातचीत के बाद पुत्र विजय बकावले ने मां को मकान के कागजात लौटा दिए। साथ ही दोनों पुत्रों ने मां के भरण-पोषण के लिए एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह देने पर सहमति जताई। विजय ने बताया कि मकान मां और उसके संयुक्त नाम पर है, जबकि वह खुद किराए के मकान में रह रहा है।
शिविर में मकान कब्जे और जमीन विवाद से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हुई। मूसाखेड़ी क्षेत्र की महिला लीलाबाई ने शिकायत की कि उनकी देवरानी ने मकान पर कब्जा कर लिया है। मामले में जूनी इंदौर एसडीएम धनश्याम धनगर ने मकान खाली कराने के आदेश जारी किए।
जमीन सीमांकन की समस्या लेकर पहुंचे
वहीं महू निवासी पूर्व सैनिक राजेश चौहान जमीन सीमांकन की समस्या लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि 20 हजार वर्गफुट जमीन खरीदने के बावजूद करीब चार हजार वर्गफुट हिस्सा सरकारी भूमि में आ रहा है, जिससे भविष्य में सड़क निर्माण के दौरान परेशानी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से पूरी निजी भूमि का कब्जा दिलाने की मांग की।
कलेक्टर शिवम वर्मा की पहल पर आयोजित इस विशेष शिविर में कुल 331 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मकान कब्जा, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, पेंशन और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें प्रमुख रहीं। सबसे अधिक 87 आवेदन नगर निगम, 35 जूनी इंदौर तहसील, 40 मल्हारगंज तहसील, 27 राऊ तहसील, 22 सहकारिता विभाग और 18 सामाजिक न्याय विभाग से संबंधित रहे।
इन चीजों का किया गया वितरण
शिविर में सामाजिक न्याय विभाग ने वयोश्री योजना के तहत 111 वृद्धजनों को हियरिंग एड, व्हीलचेयर, वाकर, वाकिंग स्टिक, स्पाइनल बेल्ट और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। वहीं 10 वृद्धजनों की पेंशन संबंधी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया गया। 26 वरिष्ठ नागरिकों को भरण-पोषण अधिनियम के आदेश पत्र भी सौंपे गए। इसके अलावा 100 से अधिक बुजुर्गों को स्वास्थ्य परामर्श, रक्त जांच, प्रोटीन युक्त बिस्किट और टॉनिक वितरित किए गए।
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