
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में अंकसूची से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। धार स्थित शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की बीए छात्रा ने प्रथम वर्ष की परीक्षा में एक विषय में सप्लीमेंट्री आने के बावजूद कंप्यूटराइज्ड अंकसूची में उसे उत्तीर्ण कर दी। इसके आधार पर छात्रा ने द्वितीय वर्ष का परीक्षा फॉर्म भी भर दिया।
कॉलेज प्रबंधन ने भी बिना जांचे फार्म को आगे बढ़ा दिया। छात्रा का द्वितीय वर्ष का परिणाम घोषित नहीं हुआ तो उसने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। जांच के बाद अब विश्वविद्यालय ने मामले को गंभीरता से लिया है और छात्रा के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं कॉलेज की लापरवाही को लेकर प्राचार्य को नोटिस जारी किया जा रहा है।
मामला तब सामने आया जब छात्रा ने अप्रैल 2026 में बीए द्वितीय वर्ष की परीक्षा दी, लेकिन उसका परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय ने रोक दिया। करीब तीन महीने बाद छात्रा ने द्वितीय वर्ष की अंकसूची नहीं मिलने पर विश्वविद्यालय के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद विश्वविद्यालय के संबंधित कर्मचारियों ने छात्रा का रिकॉर्ड खंगाला।
जांच में पता चला कि छात्रा को बीए प्रथम वर्ष में एक विषय में सप्लीमेंट्री आई थी। नियमानुसार उसे आगे की कक्षा के लिए पात्र बनने से पहले पूरक परीक्षा पास करना जरूरी था, लेकिन छात्रा ने सप्लीमेंट्री परीक्षा ही नहीं दी। इसके बावजूद उसकी ओर से कॉलेज में जमा की गई अंकसूची में उसे उस विषय में उत्तीर्ण दर्शाया गया था।
इसी आधार पर कॉलेज ने उसका द्वितीय वर्ष का परीक्षा फॉर्म भरवा दिया। सहायक कुलसचिव डा. विष्णु मिश्रा का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायत मिलने के बाद छात्रा से अंकसूची की मूल प्रति प्रस्तुत करने को कहा तो वह गोलमोल जवाब देने लगी।
अंकसूची में एक स्थान पर उत्तीर्ण किया गया, मगर एक स्थान पर सप्लीमेंट्री शब्द रह गया। परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी का कहना है कि कालेज को नोटिस देकर जवाब मांगा जा रहा है। साथ ही छात्रा पर अंकसूची में छेड़छाड़ को लेकर कार्रवाई की जाएगी।
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