• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • AI बूटकैंप
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

इंदौर में सरकारी अधिकारियों की उगाही जारी, लेन-देन के लिए रखे सहायक, लोकायुक्त पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

लोकायुक्त पुलिस ने निलंबित बाबू नरेंद्र नरवरिया को घूसखोरी के मामले में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र, खुड़ैल नायब तहसीलदार दयाराम ...और पढ़ें

By Mukesh MangalEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Wed, 01 Oct 2025 06:04:58 AM (IST)Updated Date: Wed, 01 Oct 2025 07:32:05 AM (IST)
इंदौर में सरकारी अधिकारियों की उगाही जारी, लेन-देन के लिए रखे सहायक, लोकायुक्त पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
इंदौर में सरकारी अधिकारियों की उगाही जारी

HighLights

  1. लोकायुक्त पुलिस ने निलंबित बाबू नरेंद्र नरवरिया को घूसखोरी के मामले में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है
  2. सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र, खुड़ैल नायब तहसीलदार दयाराम निगम के लेन-देन का काम करता है
  3. उसने जमीन का नामांतरण करने के लिए वकील कृष्णकांत दांगी से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। लोकायुक्त पुलिस ने निलंबित बाबू नरेंद्र नरवरिया को घूसखोरी के मामले में रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सहायक ग्रेड-3 नरेंद्र, खुड़ैल नायब तहसीलदार दयाराम निगम के लेन-देन का काम करता है। आरोप है कि उसने जमीन का नामांतरण करने के लिए वकील कृष्णकांत दांगी से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

50 हजार रुपये की मांग

डीएसपी (लोकायुक्त) सुनील तालान के अनुसार, वकील कृष्णकांत ने कल्याणी बुआ भागवंती बाई की ग्राम खराड़िया स्थित भूमि के नामांतरण के लिए खुड़ैल तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। इसके बाद नरेंद्र ने नायब तहसीलदार दयाराम निगम से मिलकर नामांतरण संबंधी कार्य कराने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। वकील ने मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस को कर दी। मंगलवार को नरेंद्र ने वकील को तहसील कार्यालय बुलाया और रुपये लेकर उन्हें दराज में रख लिया। इशारा मिलते ही लोकायुक्त पुलिस ने नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।


घटना के समय नायब तहसीलदार कार्यालय में मौजूद नहीं थे, लेकिन लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोपित बनाया है। पुलिस को सौंपे गए ऑडियो रिकॉर्डिंग में नायब तहसीलदार के नाम का उल्लेख है। शिकायतकर्ता स्वयं भी नायब तहसीलदार से मिला था, जिन्होंने वकील से कहा था कि नरेंद्र से बात कर रिश्वत की राशि कम कर देंगे।

कार्रवाई की भनक पहले ही

लोकायुक्त की छापेमारी की खबर तहसील कार्यालय में पहले ही लीक हो गई थी। पूरे स्टाफ को भनक लग गई थी और सभी अलर्ट हो गए थे। नरेंद्र को भी सूचना मिल चुकी थी। वह दो बार बाहर भी गया, लेकिन बाद में निश्चिंत होकर वकील से रुपये लेकर दराज में रख दिए, तभी टीम ने कार्रवाई कर दी।

पहला मामला नहीं

नरेंद्र के खिलाफ यह पहला मामला नहीं है। ढाई साल पहले भी लोकायुक्त पुलिस ने उसके विरुद्ध पद के दुरुपयोग का केस दर्ज किया था। उस प्रकरण में चालान पेश हो चुका है। इसके बाद उसे निलंबित कर कनाड़िया तहसील कार्यालय में अटैच कर दिया गया था। नायब तहसीलदार दयाराम निगम, बाबू नरेंद्र के जरिए ही वसूली करता था। मौखिक आदेश से उसने नरेंद्र को खुड़ैल बुला लिया था। बताया जाता है कि उसके कारण पूरा तहसील स्टाफ परेशान था और कर्मचारियों ने ही शिकायत आगे बढ़ाई थी।

इसे भी पढ़ें- Indore: हिंदू युवती से दुष्कर्म करने वाला मुस्लिम युवक गिरफ्तार, नाम बदलकर किया था धोखा