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स्वामित्व योजना: इंदौर में 95 हजार जमीनों की रजिस्ट्री अटकी, पटवारियों के विरोध से थमी रफ्तार

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकार देने के लिए रजिस्ट्री की जा रही है। इस काम में पटवारियों क...और पढ़ें

By prem jatEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 08:03:59 PM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 08:03:59 PM (IST)
स्वामित्व योजना: इंदौर में 95 हजार जमीनों की रजिस्ट्री अटकी, पटवारियों के विरोध से थमी रफ्तार
स्वामित्व योजना: इंदौर में 95 हजार जमीनों की रजिस्ट्री अटकी (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. स्वामित्व योजना: पंजीयन से रजिस्ट्री तक तीन एप से हो रही प्रक्रिया
  2. जिले में छह परिवीक्षाधीन पटवारी निलंबित, 19 ही कर रहे रजिस्ट्री का काम
  3. एमपी ई-सेवा पर आवेदन, सारा एप पर वेरिफिकेशन

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर रहने वाले लोगों को कानूनी अधिकार देने के लिए रजिस्ट्री की जा रही है। इस काम में पटवारियों को निष्पादन अधिकारी बनाए जाने का विरोध जारी है। जिले में फिलहाल 19 परिवीक्षाधीन पटवारी रजिस्ट्री कर रहे हैं। अब तक 205 रजिस्ट्रियां हुई हैं। पंजीयन, वेरिफिकेशन और रजिस्ट्री की प्रक्रिया तीन अलग-अलग एप के जरिए पूरी की जा रही है।

अधिकार अभिलेख तैयार होने के बाद आबादी भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया करीब एक माह पहले इंदौर में शुरू हुई थी। जिले में 95086 प्लाट की रजिस्ट्री होनी है, लेकिन पटवारियों के काम नहीं करने से इसकी गति धीमी है। जिले में करीब 25 परिवीक्षाधीन पटवारी थे। काम नहीं करने पर छह को निलंबित किया जा चुका है। निलंबन के डर से परिवीक्षाधीन पटवारी अपने हलकों में काम कर रहे हैं।


एमपी ई-सेवा पर आवेदन, सारा एप पर वेरिफिकेशन

रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया एप आधारित बनाई गई है।इसमें आबादी भूमि की रजिस्ट्री करवाने वाले भू-स्वामियों को एमपी ई-सेवा एप पर आवेदन करना होगा।इसके बाद पटवारी सारा एप पर आवेदन का वेरिफिकेशन करेंगे।वहीं तहसीलदार संपदा 2.0 एप पर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी करेंगे। तीनों अलग-अलग एप पर प्रक्रिया होने के बाद ही रजिस्ट्री होगी। किसी को आवेदन करने में परेशानी होगी तो पटवारी को आवेदन कराने की सुविधा भी उपलब्ध है।

यह भी पढ़ें- एमपी के पटवारियों को बड़ी राहत, नियमों के तहत काम करने पर नहीं चलेगा कोई केस, सोमवार से शुरू होगी फ्री रजिस्ट्री

गांवों के अनुसार बनी पटवारी की आईडी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व योजना में आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे और ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य पटवारी द्वारा किया गया था। अब रजिस्ट्री के लिए पटवारी की गांव के अनुसार आइडी बनाई गई है। जिनकी जिस गांव की आइडी बनी है, वे वहां की रजिस्ट्री कर सकेंगे। पटवारी को रजिस्ट्री के लिए निष्पादक अधिकारी बनाया गया है।

अधूरे नाम में सुधार का प्राविधान

स्वामित्व योजना में अधूरे नाम वाले अधिकार अभिलेख में छोटा-मोटा सुधार पटवारी कर सकेंगे, जबकि बड़ा सुधार तहसीलदार और एसडीएम स्तर से होगा।जिसकी जांच पटवारी करेंगे। बिक्री वाले अधिकार अभिलेखों की रजिस्ट्री कैसे होगी इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।