
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सांवेर तहसील के ग्राम कुमेड़ी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगों द्वारा रसायनों से दूषित पानी खुले खेतों, खाली जमीन और नालों में बहाए जाने की खबर को 'नईदुनिया' ने अपने 1 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर के छपते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। रविवार को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के अधिकारी और उनकी टीम मौके पर पहुंची और सघन निरीक्षण किया।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सतीश चौकसे के नेतृत्व में गठित छह से सात सदस्यीय टीम ने रविवार सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया। टीम ने सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र और कुमेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ पूरे नाले के किनारों पर कई किलोमीटर तक पैदल घूमकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन रास्तों और पाइपलाइनों की जांच की, जिनके जरिए केमिकलयुक्त जहरीला पानी नालों और खेतों तक पहुंच रहा था।
निरीक्षण के दौरान टीम को कई स्थानों पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने चार अलग-अलग संवेदनशील स्थानों से पानी और रसायनों के सैंपल एकत्रित किए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए लैब भेजा गया है। क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि रिपोर्ट आने में तीन से चार कामकाजी दिनों का समय लगेगा। रिपोर्ट के आधार पर दोषी उद्योगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है।
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जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि कुमेड़ी क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के चलते नाले के बहाव को रोक दिया गया था, जिससे जहरीला पानी एक ही जगह जमा होकर जमीन को बंजर बना रहा था। टीम ने हस्तक्षेप कर इस रुकावट को अब खुलवा दिया है। इसके साथ ही, अधिकारी अरबिंदो अस्पताल के सामने स्थित कॉलोनी भी पहुंचे, जहां पाया गया कि कॉलोनी का सीवरेज (गंदा पानी) भी सीधे नाले में मिल रहा है, जो प्रदूषण का एक बड़ा कारण है।