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इंदौर में अनंत चतुर्दशी पर एक बार फिर जीवंत होगी झांकियों की झिलमिलाती परंपरा, रतजगा करेगा शहर

अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को एक बार फिर 103 वर्ष से चली आ रही इंदौर की गौरवशाली झिलमिलाती झांकियों की परंपरा का निर्वाहन होगा। इस वर्ष भी खजराना गणेश,...और पढ़ें

By ramkrashna MuleEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 07:56:40 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 07:56:40 PM (IST)
इंदौर में अनंत चतुर्दशी पर एक बार फिर जीवंत होगी झांकियों की झिलमिलाती परंपरा, रतजगा करेगा शहर
इंदौर में निकलेंगी झिलमिलाती झांकियां। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हजारों शहरवासी के साथ विभिन्न शहरों से आए मेहमान भी करेंगे रतजगा
  2. सबसे आगे खजराना गणेश मंदिर फिर आईडी-नगर निगम के बाद मिलों की झांकियां रहेंगी
  3. इस बार आकर्षण होगा एआई, थ्रीडी, हाईड्रोलिक तकनीक का इस्तेमाल

रामकृष्ण मुले, नईदुनिया, इंदौर : अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार को एक बार फिर 103 वर्ष से चली आ रही इंदौर की गौरवशाली झिलमिलाती झांकियों की परंपरा का निर्वाहन होगा। इस वर्ष भी खजराना गणेश, मालवा मिल, हुकुमचंद मिल, राजकुमार, स्वदेशी, कल्याण मिल, होप टेक्सटाइल्स के साथ ही नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण की झांकियां निकलेगी।

झांकियां शाम पांच बजे से ही निर्धारित क्रम में लगना शुरू हो जाएगी। शाम छह बजे से चल समारोह का विधिवत शुभारंभ होगा।हजारों-लाखों लोग इस रतजगा में सहभागी बनेंगे। झांकी कलाकारों के अनुसार अब इंटरनेट मीडिया के जमाने में चुनौती सिर्फ स्थानीय स्तर तक नहीं बल्कि देश- दुनिया के साथ है। इसके चलते एआई, थ्रीडी, हाइड्रोलिक के साथ विशेष विद्युत प्रभाव के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तमाल किया गया है।


दर्शाया राक्षस सिंदूरासूर की उत्पत्ति

  • मिल : हकुमचंद मिल
  • वर्ष :103वां

झांकी : प्रधानमंत्री श्रीवंश के अनुसार पहली झांकी में भगवान गणेश द्वारा सिंदरासूर राक्षस का वध दिखाया गया।इसमें उसका उत्पत्ति को दर्शाय गया। दूसरी झांकी बाली और सुग्रीव के युद्ध पर आधारित है। इसमें उनमें हुई गलतियों को भी दर्शाया गया है।तीसरी झांकी वट सावित्री व्रत पर आधारित है।

चंद्रमा और रोहिणी विवाह

  • मिल : मालवा मिल
  • वर्ष : 92वां

झांकी : अध्यक्ष कैलाश कुशवाह ने बताया कि पहली झाकी मछली जल की रानी में ऑक्टोपस के साथ ही समुद्र संसार रचा गया है। द्वितीय झांकी में चंद्रमा और रोहिणी विवाह दर्शाया गया है। इसमें नवरंग फिल्म पर आधारित गीत पर होगा। तीसरी झांकी शिव बारात की होगी। इसमें साधु-संत, भूत-पिशाच को दर्शाया गया है।

मां जगदंबा का असुर शुम्भ-निशुम्भ का वध

  • मिल : स्वदेशी मिल
  • वर्ष : 97वां

झांकी : कलाकार नारायण कुशवाह के अनुसार पहली शिक्षाप्रद झांकी नशामुक्त हो-भारत हमारा होगी। इसमें बढ़ती नशाखोरी के दुष्प्रभाव के दुष्प्रभाव दिखाई देंगे। इसके अतिरिक्त रुद्र अवतार की झांकी झांकी में भोलेनाथ का रुद्र अवतार दिखेगा। अंतिम झांकी में मां जगदंबा द्वारा शुम्भ-निशुम्भ के वध को दर्शाया गया।

हर क्षेत्र की नारी विकास की गाथा

  • मिल : कल्याण मिल
  • वर्ष : 97 वर्ष

झांकी : अध्यक्ष हरीनाम सिंह धालीवाल ने बताया कि प्रथम झांकी नारी शक्ति थीम पर बनी है। इसमें महिला को विकास के पथ पर हर क्षेत्र में अग्रसर दिखाया गया है। दूसरी झांकी भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा की है।रथ पर जगन्नाथ, बलभद्र, बहन सुभद्रा है। साथ ही सभी हाथी, शेर, हिरण सहित विभिन्न वन्य प्राणी भी है।

अशोक वाटिका में माता जानकी और हनुमान संवाद

  • मिल : राजकुमार मिल
  • वर्ष : 92वां

झांकी : संयोजक अजयसिंह ठाकुर ने बताया की तीन झांकियों में पहली भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा में उनकी नृत्य लीला को दर्शाया जाएगा। दूसरी झांकी में महापराक्रमी असुर मधु व केटभ का भगवान विष्णु से युद्ध को दर्शाया गया है। एक अन्य अशोक वाटिका की झांकी में माता-जानकी और हनुमान का संवाद दर्शाया गया।

रुद्र संहिता के वर्णन के आधार पर बनी शिव बारात की झांकी

  • मिल : होप टेक्सटाइल्स मिल
  • वर्ष : 77वां

झांकी : अध्यक्ष करुणेश द्विवेदी ने बताया कि दो में से पहली झांकी देवताओं द्वारा भगवान गणेश की स्तुति को दर्शाया गया है। दूसरी झांकी में भगवान शिव की बारात का विस्तृत विवरण है। यह विवरण रुद्र संहिता से लिया गया है। इसमें चंद्र धारण किए हुए महादेव का आकर्षक स्वरूप है। साथ ही भगवान विष्णु और ब्रह्माजी भी बारात में शामिल हुए है।

दिखेगा इंदौर का विकास, सिटी फॉरेस्ट

इंदौर विकास प्राधिकरण की भी तीन झांकिया रहेगी।स्वाति लवंगडे के अनुसार पहली झांकी में प्राधिकरण की झांकियों का यह 29वां वर्ष है। इसमें पहली झांकी इंदौर के विकास पर आधारित है। इसमें सिटी फारेस्ट में बच्चों के लिए उद्यान और अोपन आडिटोरियमा को दर्शाया गया है। दूसरी झांकी में शिव बारात और तृतीय झांकी लक्षमी पूजा की है।

जेनजी के लिए नई शिक्षा नीति से संस्कार की ओर विषय पर

नारायण कुशवाह ने बताया कि चार झांकियों में पहली जेनजी आधारित है। इसमें नई शिक्षा नीति से संस्कार की ओर विषय रखा गया है।डिजिटल झांकी में सुशासन के 25 वर्ष पर आधारित है जबकि तृतीय झांकी में नगर पालिक निगम की महत्वपूर्ण योजना को दर्शायाया गया है।चतुर्थी झांकी धार्मिक विषय पर है। इसमें कृष्ण-सुदामा मिलन का प्रसंग दिखलाया गया है।

ये रहेगा झांकियों का क्रम

1 खजराना गणेश मंदिर

2 श्री शास्त्री कॉर्नर नवयुक मण्डल

3 इंदौर विकास प्राधिकरण

4 नगर निगम

5 होप टेक्सटाइल

6 कल्याण मिल

7 मालवा मिल

8 हुकुचंद मिल

9. स्वदेशी मिल

10 राजकुमार मिल

11 स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी

शाम छह बजे निकलेगी झांकी, यह होगा मार्ग

शुक्रवार को शाम 6 बजे से झांकियां शुरू होगा। चल समारोह मिल क्षेत्र और डीआरपी लाइन मैदान से प्रारंभ होगा। यहां से होकर श्रम शिविर, देवी अहिल्या मार्ग, एमजी रोड, कृष्णपुरा, नंदलालपुरा, जवाहर मार्ग, नरसिंह बाजार, सीतला माता बाजार, गौराकुंड, खजूरी बाजार से राजवाड़ा होकर वापस अपने मिलों में पहुंचेगा।

नए स्वागत मंचों को अनुमति नहीं

कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि साफ-सफाई, प्रकाश और पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था भी की गयी है। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था संबंधी निगरानी के लिये वाच टावर बनाए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर चिकित्सक के एम्बूलेंस भी तैनात की गयी हैं। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी लगातार निगरानी की जाएगी। नवीन स्वागत मंचों की अनुमति नहीं दी गई है। केवल उन्ही मंचों को अनुमति दी गई है जो परम्परागत रूप से लगाये जाते रहे हैं। एक स्वागत मंच पर दो से अधिक स्पीकर लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ये रहेगा विशेष

  • 103 साल से जारी समूह के रूप में झांकी की परंपरा
  • 26 से अधिक अलग-अलग विषय पर बनी झांकियां
  • 6 मिलों के साथ ही विभिन्न संस्था और संगठन भी बने भागीदार
  • 300 से अधिक कारीगरों ने 2 माह में निर्माण कार्य किया
  • 90 से अधिक अखाड़े भी शामिल होंगे
  • 6.5 किलोमीटर मार्ग पर रतजगा होगा

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