
इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Indore News। उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने रतलाम की एक महिला न्यायाधीश को उसके जन्मदिन पर कथित रूप से अभद्र संदेश भेजने के आरोप में जेल में बन्द वकील को जमानत दी। वकील चार महीने से अधिक समय से जेल में बंद है। वकील विजय सिंह यादव की जमानत स्वीकृति के साथ शर्त जोड़ी गई है कि वे महिला जज से संपर्क की कोशिश करते हैं या उनका पीछा करने की कोशिश करते हैं तो जमानत आदेश रद माना जाएगा।
न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर की एकल पीठ ने 14 जून को यादव की दूसरी जमानत याचिका पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग से सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। जिला अदालत के एक अधिकारी की शिकायत पर वकील के खिलाफ रतलाम पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) और अन्य के अलावा आइटी अधिनियम धाराओं में मामला दर्ज किया था। शिकायत में वकील पर आरोप है कि उसने 29 जनवरी को महिला जज को उसके आधिकारिक ईमेल पते पर जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजी थीं।
शिकायत के अनुसार, वकील ने कथित तौर पर अपने फेसबुक अकाउंट से जज की डिस्प्ले पिक्चर डाउनलोड की थी और फर्जी तरीके से 'ग्रीटिंग कार्ड बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया था। उसे नौ फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। ताजा सुनवाई में यादव के वकील के के गुप्ता ने कोर्ट में कहा कि विजय एक वकील हैं और उनके खिलाफ कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।