
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर गुरुवार को इंदौर से स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। योजना के तहत प्रदेश के करीब 50 लाख ग्रामीण परिवारों को निःशुल्क पंजीयन के माध्यम से संपत्ति का अधिकार देने की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में तीन लाभार्थियों को पंजीयन दस्तावेज सौंपे गए।
नितिन नवीन ने कहा कि स्वामित्व योजना केवल संपत्ति के अधिकार का दस्तावेज देने की योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को स्वाभिमान और सुरक्षित भविष्य के साथ जीवन जीने का अधिकार देने का अभियान है। प्रधानमंत्री ने 2020 में पंचायती राज दिवस पर जिस सोच के साथ योजना शुरू की थी, उसे मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के नेतृत्व में जमीन पर उतारा गया है।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस की सोच सेल्फ फर्स्ट: भाजपा की प्राथमिकता सत्ता नहीं, राष्ट्र है। देश के विकास और बदलती तस्वीर से कांग्रेस को बेचैनी हो रही है। भाजपा के लिए नेशन फर्स्ट है, जबकि कांग्रेस की सोच सेल्फ फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट और नेशन लास्ट वाली है।
बैठक के दौरान पूरी दुनिया की नजर भारत पर थी। प्रमुख देश भारत के साथ सहयोग और संवाद बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। ऐसे समय में जब भारत की वैश्विक भूमिका पर चर्चा होनी चाहिए थी, कांग्रेस को बैठक का मेन्यू नजर आ रहा था।
गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न, आवास, उज्ज्वला, जनधन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ मिला है। कोरोना काल में मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराई गई। ऐसे नेतृत्व के जन्मदिन पर सेवा कार्यक्रम किए जा रहे हैं तो इसमें आपत्ति क्यों? अगर प्रधानमंत्री का जन्मदिन सेवा दिवस के रूप में नहीं मनाया जाएगा तो क्या राहुल बाबा का जन्मदिन मनाया जाएगा?
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश और गरीबों की उन्नति के लिए लगातार काम कर रहे हैं। भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर जनकल्याण के काम की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम लेते ही कांग्रेस को बिच्छू काटने लगता है। अब भगवान का नाम नहीं लें तो किसका लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण आबादी को संपत्ति का अधिकार देने के साथ स्वाभिमान से जीने का अवसर भी है। प्रदेश में करीब 50 लाख ग्रामीण संपत्तियों के पंजीयन का अभियान शुरू हुआ है, जो एक माह तक चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार का यह अभियान महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में निजी संपत्तियों के निःशुल्क पंजीयन का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान पटवारी घर-घर जाकर पंजीयन की प्रक्रिया में सहायता करेंगे। घर, खेत और जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि परिवार की भावनाओं और पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े होते हैं। स्वामित्व दस्तावेज इन संपत्तियों को सुरक्षित रखने में सहायक होंगे।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाएं लागू की हैं। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की लोककल्याण की भावना के अनुरूप मोहन सरकार ग्रामीणों के हित में कार्य कर रही है।