
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में बढ़ती गर्मी अब केवल दिन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि रात के समय भी तापमान में गिरावट न होने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञ के मुताबिक इसे डबल हीट या कंपाउंड हीटवेव कहा जाता है, जिसमें दिन की तेज धूप के बाद रात भी गर्म बनी रहती है। इस स्थिति का असर सीधे लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। रात के समय में लोगों को डिहाइड्रेशन हो रहा है। ऐसे में वह मरीज जो चलने में सक्षम नहीं हैं या फिर अपनी बात ठीक से बता नहीं पाते, उनके लिए समस्या बढ़ जाती है।
शहर के शासकीय और निजी अस्पतालों में इस रात के समय हो रही समस्याओं को लेकर मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में गर्म रातों की संख्या तेजी से बढ़ी है। एक अध्ययन में सामने आया है कि 2012 से 2022 के बीच देश के करीब 70 प्रतिशत जिलों में रात का तापमान सामान्य से अधिक रहा है। इसका मतलब है कि लोगों को अब चौबीसों घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे शरीर को ठंडा होने का पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा।
विशेषज्ञों के मुताबिक जब रात में भी तापमान कम नहीं होता, तो शरीर की प्राकृतिक कूलिंग प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे हीट स्ट्रोक, थकान, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। खासकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीजों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है। लगातार गर्मी रहने से उनके शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
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सोते समय पर्याप्त पानी अपने पास रखें और नींद खुलने पर पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें और नियमित दवाइयों का सेवन समय पर करें। हल्के कपड़े पहनें और कमरे को यथासंभव ठंडा रखने की कोशिश करें।
दिन के साथ ही रात का तापमान भी गर्म रहने से डिहाइड्रेशन सहित अन्य समस्याएं होती है। ऐसे में रात जब भी नींद खुले पानी का सेवन करना चाहिए। जिन मरीजों की मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की दवाई चल रही है, वह नियमित सेवन करें।- डॉ. अमन यादव, एमडी मेडिसिन (एमवाय अस्पताल)