
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : शहर में अनंत चर्तुदशी के अगले दिन स्थानीय अवकाश नहीं होगा। ऐसे में स्कूलों ने अपने स्तर पर स्कूल संचालन का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि विगत वर्षों में अनंत चर्तुदशी के अगले दिन कलेक्टर द्वारा शहर में स्थानीय अवकाश घोषित किया जाता था।
कलेक्टर को शिक्षा सत्र में वर्ष में तीन बार तीन दिन ही स्थानीय अवकाश घोषित करने का अधिकार है। इस बार कलेक्टर द्वारा 14 जनवरी को मकर संक्राति, 21 अक्टूबर को दशहरे के दूसरे दिन व 11 नवंबर को भाई दूज पर स्थानीय अवकाश घोषित किया जा चुका। इस वजह से इस बार अनंत चर्तुदशी के अगले दिन स्थानीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है। जिन शासकीय कार्यालयों में शनिवार को अवकाश नहीं होता था वहां नियमित कामकाज होगा।
अनंत चर्तुदशी पर रात पर शहरवासी झांकी देखने जाते है। इस वजह से विगत वर्षो में स्थानीय अवकाश घोषित कर शहरवासी व स्कूली बच्चों का राहत दी जाती थी। इस बार कलेक्टर द्वारा स्थानीय अवकाश घोषित नहीं होने के कारण सहोदय ग्रुप के स्कूलों ने भी अपने स्तर पर अवकाश का निर्णय लिया है।
कुछ एक स्कूलों ने ही अवकाश घोषित किया, अधिकांश स्कूल लगे। स्थानीय अवकाश पर असमंजस के कारण कुछ सीबीएसई स्कूलों ने पैरेंट्स टीचर मीटिंग रखी। वही कुछ स्कूलों में अद्धवार्षिक परीक्षाएं रखी। कुछ ने परीक्षा का गेप भी रखा। इस वजह से कई स्कूलों में बच्चों को नियमित पढ़ाई के लिए नहीं जाना होगा।
इस बार कलेक्टर द्वारा स्थानीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है। इस वजह से हमने सभी सीबीएसई स्कूलों को अपने-अपने स्तर पर अवकाश रखने का निर्णय लेने के लिए कहा था। कुछ स्कूलों ने पीटीएम रखी है तो कुछ में अद्धवार्षिक परीक्षाएं संचालित हो रही है। -सुधा पांडे, चेयरपर्सन सहोदय ग्रुप
इस बार अनंत चर्तुदर्शी के अगले दिन स्थानीय अवकाश घोषित नहीं किया गया है। इस वजह से हमारी ओर से भी अवकाश का कोई आदेश जारी किया गया है। शनिवार को स्कूलों में अवकाश नहीं रहेगा। -शौर्य मल्होत्रा, जिला शिक्षा अधिकारी