
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अल्पवर्षा के चलते आगामी ग्रीष्मावकाश में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने वार्डवार पानी की उपलब्धता और आवश्यकता का आकलन कर इसका मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।
महापौर ने कहा कि पिछले ग्रीष्मावकाश में जिन क्षेत्रों में जलसंकट सामने आया था, उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में टैंकरों की उपलब्धता से लेकर बोरिंग, हाइड्रेंट और पाइपलाइन की स्थिति तक की समीक्षा कर आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। महापौर ने स्मार्ट सिटी ऑफिस में उच्चस्तरीय बैठक भी ली। इसमें जलप्रदाय विभाग के प्रभारी अभिषेक शर्मा ‘बबलू’, अपर आयुक्त आशीष पाठक भी उपस्थित थे।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में पेयजल वितरण की स्थिति बिगड़ने से पहले ही कमियों की पहचान कर उन्हें दूर कर लें। इसके लिए सभी वार्डों में हर सप्ताह बैठक कर जलप्रदाय व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
वार्डवार पानी की मांग, टैंकरों की जरूरत, बोरिंग और हाइड्रेंट की स्थिति का आकलन कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय की जाएगी। उद्देश्य यह है कि गर्मी बढ़ने के साथ किसी क्षेत्र में अचानक पानी का संकट पैदा न हो।
जलप्रदाय व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए उन क्षेत्रों की पाइपलाइन की भी जांच की जाएगी, जहां पुरानी और जर्जर लाइनें परेशानी का कारण बन सकती हैं। जरूरत के अनुसार पाइपलाइन की मरम्मत के साथ नई लाइन बिछाने की व्यवस्था की जाएगी।
डायरेक्ट सप्लाई वाले क्षेत्रों में भी मौजूदा व्यवस्था और नियमित मेंटेनेंस की समीक्षा होगी, ताकि तकनीकी खामियों के कारण लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। बैठक में जलूद से आने वाली मुख्य ट्रंक लाइन में लीकेज, वाल्व और पानी की टंकियों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को जलप्रदाय व्यवस्था की कमजोर कड़ियों की पहचान कर समय रहते सुधार करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए, ताकि गर्मी के दौरान पानी की आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम की जा सके।
यह भी पढ़ें- जामताड़ा से जुड़ा साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब, देवास पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर जब्त किए 5 लाख रुपये
पिछली गर्मियों में पानी की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में इस बार विशेष निगरानी व्यवस्था बनाने पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में टैंकरों की उपलब्धता, पाइपलाइन के रखरखाव और सुधार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी नियुक्त करने की व्यवस्था पर विचार किया गया।
वार्डवार समीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा कि चिह्नित समस्याओं का समय पर निराकरण हो और जरूरत वाले क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने के इंतजाम पहले से तैयार रहें।
महापौर ने कहा कि इस तैयारी का मुख्य उद्देश्य गर्मी शुरू होने से पहले जलप्रदाय व्यवस्था की कमियों को दूर करना, वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित करना और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति बनने से रोकना है।