
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर संभाग में अवैध रूप से मदिरा का निर्माण करने वाले, उसका भंडारण करने वाले तथा विभिन्न माध्यमों से परिवहन और विक्रय करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। अवैध शराब का कारोबार करने वालों पर जिला बदर और एनएसए की कार्यवाही करें। शराब की दुकानें कतिपय स्थानों पर इंदौर शहर में नियत समय के बाद भी शराब दुकानें खुली रहती हैं, इन पर एक्साइज विभाग कार्यवाही करें।
यह निर्देश संभागायुक्त भास्कार लाक्षकार ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में संभाग के अधिकारियों को दिए। संभागायुक्त लाक्षाकार ने कहा कि गांजे की खेती जिन स्थानों पर पकड़ी गई हैं, वहां के स्थानीय प्रशासनिक अमले की जिम्मेदारी तय करें। साथ ही अवैध शराब के भंडारण पाए जाने पर एक्साइज एक्ट के 34(2) के प्रकरणों में न्यायालयों में सशक्त पैरवी की जाये, ताकि दोषसिद्धि हों सके।
इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाए और प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध मदिरा के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में आबकारी विभाग, पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बैठक में संभागायुक्त कार्यालय से आईजी अनुराग, उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद तथा इंदौर कलेक्टर सहित संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, पुलिस अधीक्षक, आबकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
संभागायुक्त लाक्षाकार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील क्षेत्रों, सीमावर्ती इलाकों, प्रमुख मार्गों तथा ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, जहां अवैध मदिरा के परिवहन अथवा विक्रय की आशंका रहती हैं। नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध मदिरा के स्रोत और उसके वितरण नेटवर्क का पता लगाया जाए।
अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही उनके सहयोगियों और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जाए। अवैध मदिरा के विरुद्ध की जाने वाली कार्रवाई की नियमित समीक्षा की जाए। शासकीय मदिरा की दुकानें निर्धारित समय पर खुलें और बंद हों, अधिकारियों द्वारा इसकी लगातार निगरानी की जाये। अवैध मदिरा के क्रय-विक्रय, भंडारण और परिवहन को रोकने हेतु ढाबों और हाईवे पर सख्त निगरानी की जाए।
बैठक में उपायुक्त आबकारी इंदरसिंह जामोद ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा संभाग में विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) के तहत 5043 प्रकरण तथा धारा 34(1) के तहत 27147 प्रकरण दर्ज किए गए।
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