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इंदौर की सड़कों पर दौड़ेंगी भोपाल में चल चुकी बसें, तीन साल पुरानी सेकंड हैंड बसों के साथ शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा‘

इंदौर सहित प्रदेशभर में 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत हो रही है। इंदौर में इस सेवा के तहत सेकेंड हेंड बसों में शहरवासियों के स...और पढ़ें

By Udaypratap SinghEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 07:52:03 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 07:52:03 PM (IST)
इंदौर की सड़कों पर दौड़ेंगी भोपाल में चल चुकी बसें, तीन साल पुरानी सेकंड हैंड बसों के साथ शुरू होगी ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा‘
इंदौर की सड़कों पर दौड़ेंगी भोपाल में चल चुकी बसें। (एआई इमेज)

HighLights

  1. प्रदेशभर में 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत हो रही है
  2. इंदौर में इस सेवा के तहत सेकंड हैंड बसों में शहरवासियों के सफर के शुरुआत होगी
  3. भोपाल की सड़कों पर चल चुकी बसों को रंग-रोगन कर नया बनाया जा रहा है

उदय प्रताप सिंह, इंदौर : इंदौर सहित प्रदेशभर में 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत हो रही है। इंदौर में इस सेवा के तहत सेकंड हैंड बसों में शहरवासियों के सफर के शुरुआत होगी। भोपाल की सड़कों पर चल चुकी बसों को रंग-रोगन कर नया बनाया जा रहा है।

इन बसों को शहर की सड़कों पर चलाया जाएगा। फिलहाल 12 बसों को भोपाल से इंदौर लाकर उनकी सर्विंसिंग कर नए कलेवर में तैयार किया जा रहा है। शहर की सड़कों पर पीएम ई-बस सेवा के तहत चल रही नई नारंगी रंग की ईलेक्ट्रिक बसों की तरह इन बसों तरह पुरानी नान एससी बसों को रंगकर नया रुप दिया जा रहा है।


50 से 70 हजार किलोमीटर चल चुकी बसें इंदौर में चलेंगी

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस आपरेटर जिन बसों को भोपाल से लाकर इंदौर में चलाने वाले हैं। उनमें से कुछ बसे भोपाल के भौरी से मंडीदीप के बीच चल चुकी है। ये बसें 50 से 70 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है और अब इन्हें रंग-रोगन कर नया रुप देकर इंदौर की सड़कों पर चलाया जाएगा।

गौरतलब है कि एआइसीटीएसएल द्वारा इंदौर में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस आपरेटर के साथ 50 फीसद नई और 50 फीसद पुरानी बस अनुबंध के तहत चलाने का अनुबंध किया गया है। इंदौर में चलाई जाने वाली ये डीजल बसे वर्ष 2022-23 में बनी है। यानि ये बसें करीब तीन साल पुरानी है। अनुबंध के तहत एआइसीटीएसएल ने वर्ष 2018 में बनी पुरानी बसों को शहर में चलाने पर सहमति दी हे।

सेकंड हैंड बसों में किए जा रहे ये बदलाव

  • पांच कैमरे लगाए जा रहे
  • ऑटोमेटिक गेट जो जाम हो गए थे, उन्हें फ्री किया जा रहा
  • जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम को सही किया जा रहा
  • एक फायर एक्टीग्युशर लगाया जा रहा
  • एलईडी डिस्प्ले बोर्ड बस में लगाया जा रहा

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की इंदौर में स्थिति

प्रथम चरण : शहर में

  • 10 रुट पर 50 बसें
  • 25 नई व 25 पुरानी बसें होगी

द्वितीय चरण : इंदौर से दूसरे शहरों के बीच

  • 23 रुट पर चलाई जाएंगी बसें
  • 50 फीसद पुरानी व 50 फीसद नई बसें होगी

पुरानी बसों की फिटनेस व सेफ्टी सुनिश्चित करने के बाद ही चलाएंगे

यह पहला मौका है जब एआईसीटीएसएल ने बस खरीदने के लिए आपरेटर को एक भी रुपया नहीं दिया है। आपरेटर को वीजीएफ व अन्य बस खरीदने का पैसा भी हम नहीं दे रहे। आपरेटर खुद ही बसे लाएंगे और उसके बदले में सिटी बस प्रबंधन को प्रीमियम देंगे। यही वजह है कि ऑपरेटर को पुरानी बसें भी चलाने की अनुमति दी है। इंदौर में 50 फीसद पुरानी व 50 फीसद नई बसें चलाई जाएगी। बसों की फिटनेस व सेफ्टी भी सुनिश्चित करेंगे। बस आपरेटर की मोनोपाली न रहे,इस वजह पांच से छह आपरेटर को अलग-अलग रुट का जिम्मा दिया गया हैं। अगले दो से तीन माह में इंदौर से अन्य शहरों के बीच भी बसें चलाई जाएगी। उसमें 50 फीसद पुरानी बसों को आपरेटर चलाएंगे। -अर्थ जैन, सीईओ एआईसीटीएसएल

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