
उदय प्रताप सिंह, इंदौर : इंदौर सहित प्रदेशभर में 25 सितंबर से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत हो रही है। इंदौर में इस सेवा के तहत सेकंड हैंड बसों में शहरवासियों के सफर के शुरुआत होगी। भोपाल की सड़कों पर चल चुकी बसों को रंग-रोगन कर नया बनाया जा रहा है।
इन बसों को शहर की सड़कों पर चलाया जाएगा। फिलहाल 12 बसों को भोपाल से इंदौर लाकर उनकी सर्विंसिंग कर नए कलेवर में तैयार किया जा रहा है। शहर की सड़कों पर पीएम ई-बस सेवा के तहत चल रही नई नारंगी रंग की ईलेक्ट्रिक बसों की तरह इन बसों तरह पुरानी नान एससी बसों को रंगकर नया रुप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस आपरेटर जिन बसों को भोपाल से लाकर इंदौर में चलाने वाले हैं। उनमें से कुछ बसे भोपाल के भौरी से मंडीदीप के बीच चल चुकी है। ये बसें 50 से 70 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुकी है और अब इन्हें रंग-रोगन कर नया रुप देकर इंदौर की सड़कों पर चलाया जाएगा।
गौरतलब है कि एआइसीटीएसएल द्वारा इंदौर में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत बस आपरेटर के साथ 50 फीसद नई और 50 फीसद पुरानी बस अनुबंध के तहत चलाने का अनुबंध किया गया है। इंदौर में चलाई जाने वाली ये डीजल बसे वर्ष 2022-23 में बनी है। यानि ये बसें करीब तीन साल पुरानी है। अनुबंध के तहत एआइसीटीएसएल ने वर्ष 2018 में बनी पुरानी बसों को शहर में चलाने पर सहमति दी हे।
प्रथम चरण : शहर में
द्वितीय चरण : इंदौर से दूसरे शहरों के बीच
यह पहला मौका है जब एआईसीटीएसएल ने बस खरीदने के लिए आपरेटर को एक भी रुपया नहीं दिया है। आपरेटर को वीजीएफ व अन्य बस खरीदने का पैसा भी हम नहीं दे रहे। आपरेटर खुद ही बसे लाएंगे और उसके बदले में सिटी बस प्रबंधन को प्रीमियम देंगे। यही वजह है कि ऑपरेटर को पुरानी बसें भी चलाने की अनुमति दी है। इंदौर में 50 फीसद पुरानी व 50 फीसद नई बसें चलाई जाएगी। बसों की फिटनेस व सेफ्टी भी सुनिश्चित करेंगे। बस आपरेटर की मोनोपाली न रहे,इस वजह पांच से छह आपरेटर को अलग-अलग रुट का जिम्मा दिया गया हैं। अगले दो से तीन माह में इंदौर से अन्य शहरों के बीच भी बसें चलाई जाएगी। उसमें 50 फीसद पुरानी बसों को आपरेटर चलाएंगे। -अर्थ जैन, सीईओ एआईसीटीएसएल
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