
उदय प्रताप सिंह, इंदौर। इंदौर जिले के महू के समीप स्थिति जानापाव से आठ नदियां निकलती है। इस बार जिले में महू तहसील में सबसे कम 437 मिमी वर्षा हुई है। इसके बाद भी जानापाव से निकलने वाली दो नदियों के अलग-अलग स्थिति है। यहां से निकली गंभीर नदी में जहां अभी कल-कल जल बहता हुआ दिखाई दे रहा है तो वही चंबल नदी सूखी है।
जिला प्रशासन द्वारा मार्च से मई माह के बीच गंभीर नदी के पुर्नजीवन अभियान के तहत जनसहयोग से नदी के पांच किलोमीटर हिस्से पर काम किया गया। नदी की गाद निकालने के साथ, हाइड्रो जियालाजिकल स्ट्रक्चर बनाए गए। इसी का नतीजा है कि कम बारिश के बाद भी गंभीर में पानी है।
वही चंबल नदी में कोई विशेष कार्य नहीं किया। नतीजा चंबल नदी में पानी नहीं है। अब जिला प्रशासन द्वारा महू में गंभीर नदी के 75 किलोमीटर के कैचमेंट एरिया में से बचे 70 किलोमीटर के पुर्नउद्धार के लिए 500 करोड़ रुपये की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार के जल शक्ति मिशन को भेजने की तैयारी है।
महू जनपद पंचायत के सीईओ गिरिराज दुबे के मुताबिक गंभीर नदी के तीन किलोमीटर हिस्से में जानापाव से बेरछा, कैलोद, महूगांव तक के हिस्से में नदी किनारे बने तालाब लबालब है और कुंओं में पानी हैं। नदी के पानी होने के कारण भूजल भी रिचार्ज हुआ। ऐसे में पांच किलोमीटर के दायरे में कृषकों को कृषि कार्य के लिए अगले तीन से चार माह तक कृषि कार्य के लिए पानी की समस्यां नहीं होगी। अभी खेतों में नमी भी नजर आ रही है।
गंभीर नदी का पूर्ण उद्धार होने पर सिंहस्थ में क्षिप्रा नदी को भी फायदा मिलेगा। गंभीर नदी का पानी इंदौर के यशंवत सागर में आता है और यहां का पानी क्षिप्रा नदी में जाता है। वही उज्जैन के आगे क्षिप्रा नदी पुन: चंबल नदी मिलती है। ऐसे में चंबल नदी को भी फायदा मिलेगा।
जानापाव, बेरछा, कैलोद, गवली पलासिया, डोंगरगांव व महू गांव तक हुआ पुर्नउद्धार कार्य
कंटूर ट्रेंच बनाई गई, नाला ट्रेेचिंग कर गाद निकाली, बोल्डर चेक, कंटूर ट्रेंच व रिचार्ज के लिए डाइक संरचना बनाई।
सीमांकन करवाकर नदी किनारे के अतिक्रमण हटाए। पहले जहां दो से तीन फीट में नदी सिमटी नजर आती थी, अब चार से सात फीट में नजर आ रही।
गंभीर नदी में पानी बढ़ने से यशंवत सगार, क्षिप्रा में पानी बढ़ेगा, इससे इंदौर व उज्जैन काे लाभ होगा। गंभीर रिज टू वैली प्राेजेक्ट की 500 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई। राज्य शासन के माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मिशन को भेजी जाएगी। - शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर
गंगा की सहायक नदी
यह भी पढ़ें- चंबल नहीं बुझा पाएगी ग्वालियरवासियाें की प्यास, नए विकल्पों की तलाश