
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। वंदे मातरम नहीं गाने पर छिड़े विवाद में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार अपनी ही पार्टी के रुख से ज्यादा खुश नहीं दिखते। मंगलवार को सिंघार ने अपनी पार्टी से अपेक्षा की है कि मामले में कार्रवाई जल्द हो। दरअसल सिंघार मंगलवार को आंबेडकर जन्मभूमि से लौटकर इंदौर आए थे। यहां वे पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा के घर उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। बाद में उनसे पत्रकारों ने जब वंदे मातरम विवाद पर सवाल किया तो उन्होंने एक लाइन में जवाब दिया कि जब इस तरह की बात होती है तो पार्टी को समय पर कार्रवाई करना चाहिए।
सिंघार के बयान के मायने निकाले जा रहे हैं कि उनका रुख प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से अलग है। दरअसल पटवारी ने बीते दिनों इस मामले पर कहा था कि पार्टी की अनुशासन समिति जांच करेगी और समय आने पर फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रुबीना इकबाल खान ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया था। रुबीना खान ने मामले पर कांग्रेस को ही भाड़ में जाने की नसीहत दे दी थी। इस मामले पर सिंघार से पहले कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा व कुछ अन्य नेता भी सख्त कार्रवाई की बात कह चुके हैं।
पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने जीतू पटवारी को देशद्रोही कहा था और वंदे मातरम नहीं गाने वाले कांग्रेसी पार्षदों की ओर इशारा कर उन्हें आतंकी कह दिया था। विजयवर्गीय के बयान के बारे में पूछे जाने पर सिंघार ने कहा कि लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है। सिंघार ने एक बार फिर भागीरथपुरा का मुद्दा भी छेड़ा और कहा कि यदि इंदौर की जनता को साफ पानी नहीं मिल रहा तो उन्हें टैक्स भी नहीं देना चाहिए।
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