
नईदुनिया प्रतिनिधि, ईंदौर। शहर के नामी होटल सयाजी में लोगों को परोसा जा रहा भोजन गुणवत्तापूर्ण नहीं था। इस आशंका में गुरुवार रात को ईंदौर के खाद्य विभाग की टीम ने एफएसएसएआई पश्चिम क्षेत्र की टीम के साथ कार्रवाई की। गुरुवार रात 10.30 बजे खाद्य अधिकारियों संयुक्त दल सयाजी होटल व क्लब में संचालित किचन में पहुंचा।
कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी, एफएसएसएआई पश्चिम रीजन के अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर रितु जाट, तहसीलदार सपना शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने होटल के किचन की जांच की। यहां के किचन के कोल्ड स्टोरेज वेज व नानवेज खाद्य सामग्री को एक साथ रखी हुई मिली। 66 किलो नॉनवेज बिना पैकिंग मिला। उसके निर्माण की तारीख का लेबल भी नहीं था।
सी-फूड, चिकन और मटन को भी एक साथ रखा गया था। किचन में खाद्य सामग्री रखे जाने के निर्धारित तापमान का पालन नहीं किया जा रहा था। ड्राय स्टोरेज वाले कंटेनर व नानवेज स्टोरेज वाले बर्तनों में जंग लगा मिला। जिस प्लेटफार्म पर भोजन तैयार किया उस पर भी जंग पाया गया। होटल के परिसर और किचन में काकरोच व चूहों का मल भी मिला। किचन में चूहे भी दिखाई दिए।
किचन के पास जिस स्टोर में सब्जियों को रखा जाता था, उनमें सड़े हुए आलू-टमाटर मिले। मूंगफली में फंगस पाई गई। कई खाद्य उत्पाद बिना उचित लेबल के मिले। खाद्य विभाग की टीम द्वारा यहां से पनीर, नानवेज, मूंगफली, सौंफ व ड्रायफ्रूट्स सहित अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए।
थ्री स्टार कैटेगरी के ऊपर के होटलों को एफएसएसएआई की सेंट्रल कैटेगरी व रीजनल कैटेगरी दोनों का लाईसेंस लेना अनिवार्य है। सयाजी होटल के पास एफएसएसएआई का सेंट्रल कैटेगरी का लाईसेंस नहीं मिला। होटल को मिले लाईसेंस में नानवेज नहीं है, लेकिन यहां नानवेज खाद्य सामग्री का निर्माण किया था। लाईसेंस न होने के बाद भी बेकरी का संचालन और मिठाई का निर्माण पाया गया।
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कई खाद्य सामग्री किचन के दीवार से सटाकर रखी गई थी।
उबले आलू के पैकेट पर एक्सपायरी डेट की तारीख।
विप टॉपिंग के टेट्रापैक लीक हो रहे थे। ईससे संक्रमण की आशंका पाई गई।
फ्रिज में रखी कुल्फी पर निर्माण व एक्सपायरी डेट व बैच नंबर नहीं था।
फ्रोजन डेजर्ट स्टोर में मिला, लेकिन होटल के मैन्यू में आईस्क्रीम ही दर्शाई गई।
सूखी खाद्य सामग्री जिस कमरे में रखी जा रही थी, वहां के फ्लोर व दीवार में क्रैक मिले।
शुगर पाउच पर ‘सयाजी’ नाम अंकित था, जबकि संबंधित उत्पाद/श्रेणी लाईसेंस में दर्ज नहीं था।
प्लेट्स के नीचे गंदगी मिली।
ग्रेवी रूम के तापमान पर स्टोर करके रखी गई थी।
कचरा प्रबंधन में भी मिली खामी
गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं मिली।
ईस्तेमाल किया हुआ तेल सीधे ड्रेनेज में डाला जा रहा था।
मुराई मोहल्ला स्थित चाणक्य बालक छात्रावास के छात्रों ने खाद्य विभाग को शिकायत की थी कि यहां के किचन में बनने वाली खाद्य सामग्री गुणवत्ता रहित है। उसे खाने से छात्र उल्टी-दस्त से बीमार हो रहे हैं। छात्रों की शिकायत के बाद गुरुवार सुबह खाद्य विभाग की टीम ने छात्रावास के किचन की जांच की। मौके पर छात्रावास प्रभारी अर्पित गुप्ता मिले और खाद्य पंजीयन भी प्रस्तुत किया।
जांच दल को छात्रावास के किचन में सड़े आलू संग्रहित मिले और साफ-सफाई भी परिसर में नहीं मिली। किचन में जाले लगे हुए थे। वॉश बेसिन में काई जमा थी। वाशिंग एरिया में कचरे का ढेर लगा हुआ था। बैठने की कुर्सियों तक पर फंगस लगा था। ईस स्थिति में जांच दल ने छात्रावास के किचन को सील कर बंद करवाया।