
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर अभिभाषक संघ के 25 जून को हुए चुनाव की मतगणना रातभर जारी रही। शुक्रवार सुबह पांच बजे पदाधिकारियों के नाम की घोषणा हुई जबकि कार्यकारिणी सदस्यों के नाम घोषित होते-होते सात बज गई। राकेश पाल अध्यक्ष और धर्मेंद्र गुर्जर सचिव चुने गए।
पाल ने करीब मुकाबले में 56 मतों से जीत हासिल की। इसी तरह पहले से आठवें चरण तक पीछे चल रहे गुर्जर ने अंतिम दो चरणों में शानदार प्रदर्शन करते हुए वापसी कर जीत दर्ज की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विमल मिश्रा ने परिणामों की घोषणा के साथ ही विजेताओं को प्रमाण पत्र सौंपे। इसके अलावा उपाध्यक्ष पद पर जितेंद्र नीम, सह सचिव पर निमेष सोलंकी और कोषाध्यक्ष पद पर पल्लविका अध्यारु निर्वाचित हुए। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में आयुष भोरहरी, सुधीर व्यास (हैप्पी), नितिन पाराशर, स्नेहिल वर्मा(लक्की), सुमनलता मुकाती और श्यामा वर्मा ने जीत दर्ज की।
गुरुवार शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद उम्मीद थी कि मतगणना तुरंत शुरू हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। करीब साढ़े सात बजे मतगणना शुरू हुई। मतगणना दस चरणों में हुई। पहले चरण का परिणाम आते-आते रात के नौ बज गए। मतगणना की धीमी गति की वजह से जिला कोर्ट में अपने समर्थकों के साथ जमा हुए प्रत्याशी परेशान होते रहे। रात करीब डेढ बजे तक सिर्फ चार चरणों की मतगणना के परिणाम घोषित हुए थे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी विमल मिश्रा ने सुबह पांच बजे पदाधिकारियों के नाम की अधिकृत घोषणा की।
परिणामों के इंतजार में जिला कोर्ट में बड़ी संख्या में वकील उपस्थित थे। जिला कोर्ट में रातभर ढोल की थाप गूंजती रही। जैसे ही चरणबद्ध की जा रही मतगणना के किसी चरण का परिणाम घोषित होता, बढ़त लेने वाले प्रत्याशी के समर्थक ढोल की थाप पर नाच उठते। सुबह पांच बजे जैसे ही पदाधिकारियों के नाम घोषित हुए विजेताओं के समर्थकों ने जिला कोर्ट परिसर में ही जोरदार आतिशबाजी की।