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जलसंकट : इंदौर में नगर निगम के 361 बोरिंग अभी से सूखे, वार्डों में जल्द कराए जाएंगे 200 बोरिंग

ग्रीष्मकाल में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। गर्मी के तेवर अभी तीखे नहीं हुए हैं, ग्रीष्मकाल भी दूर है, लेक...और पढ़ें

By Kuldeep BhawsarEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Sat, 17 Oct 2026 09:13:18 AM (IST)Updated Date: Sat, 17 Oct 2026 09:36:23 AM (IST)
जलसंकट : इंदौर में नगर निगम के 361 बोरिंग अभी से सूखे, वार्डों में जल्द कराए जाएंगे 200 बोरिंग
गर्मी में इस बार पड़ेगी 1200 टैंकरों की आवश्यकता। -एआई इमेज

HighLights

  1. शहर में निगम के 361 बोरिंग पूरी तरह से सूख चुके हैं
  2. बोरिंग के निकट भविष्य में दोबारा रिचार्ज होने की कोई संभावना भी नहीं है
  3. नगर निगम 100 टैंकर खरीदने जा रहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : ग्रीष्मकाल में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। गर्मी के तेवर अभी तीखे नहीं हुए हैं, ग्रीष्मकाल भी दूर है, लेकिन नगर निगम का सर्वे बताता है कि शहर में निगम के 361 बोरिंग पूरी तरह से सूख चुके हैं। इन बोरिंग के निकट भविष्य में दोबारा रिचार्ज होने की कोई संभावना भी नहीं है।

शहर में 85 हजार से ज्यादा परिवार हैं जिन्हें अलग-अलग कारणों से पर्याप्त नर्मदा जल नहीं मिल पा रहा है। 52 हजार से ज्यादा घर तो ऐसे हैं जिनकी दहलीज पर अब तक नर्मदा लाइन पहुंची ही नहीं। अनुमान है कि इस बार निगम को ग्रीष्मकाल में कम से कम 1200 टैंकरों की आवश्यकता पडेगी। इतनी बड़ी संख्या में टैंकरों की पूर्ति के लिए निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। निगम 100 टैंकर खरीदने जा रहा है।


इन छह वार्डों में है सबसे ज्यादा संकट

सर्वे में वार्डवार आंकलन भी किया गया है। यह बताता है कि शहर के छह वार्ड ऐसे हैं जहां अभी से पानी का गंभीर संकट दिखाई पड़ने लगा है। वार्ड 36 के मायाखेड़ी, अरंडिया, निपानिया और पिपलियाकुमार जैसे क्षेत्रों में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। यहां 12 हजार परिवारों के पास नर्मदा कनेक्शन नहीं है। मायाखेड़ी और निपानिया में तो अभी से टैंकरों के चक्कर शुरू हो गए हैंं। इसके अलावा वार्ड 16 में करीब 7500, वार्ड 30 में 3470, वार्ड 37 में 3000, वार्ड 79 में 2000 और वार्ड 20 में 1500 परिवार हैं जो नर्मदा कनेक्शन से वंचित हैं।

वार्डों में कराए जाएंगे 200 बोरिंग

नगर निगम ने वार्डों में नए बोरिंग की तैयारी भी कर ली है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि जलसंकट से निपटने के लिए 200 नए बोरिंग की आवश्यकता होगी। इनमें से 100 बोरिंग के लिए निविदाएं जल्द ही आमंत्रित की जाएंगी।

कम सप्लाई की वजह से भी पड़ रही है टैंकरों की आवश्यकता

सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि कई क्षेत्र हैं जहां नर्मदा कनेक्शन या जलापूर्ति व्यवस्था होने के बावजूद टैंकरों की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन क्षेत्रों में निगम द्वारा की जा रही जलापूर्ति से लोगों की आवश्यकता पूर्ति नहीं हो रही है। सर्वे के मुताबिक ऐसे परिवारों की संख्या 33 हजार से ज्यादा है। इसी तरह वार्ड 37 में दो हजार, 45 में 1800, 51 में 1300 और वार्ड 28 में 1200 परिवार टैंकर के पानी पर निर्भर हैं।

पानी बेचने वालों पर लगाम कसने की आवश्यकता

सेवा-सुरभि द्वारा निगम के साथ मिलकर आयोजित बैठक में यह बात भी सामने आई थी कि निगम सीमा में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग निजी बोरिंग का पानी बेचने का अवैध व्यापार करते हैं। इन क्षेत्रों में टैंकरों की कतारें नजर आती हैं। पानी का अवैध व्यापार करने वालों पर लगाम कसना जरूरी है।

इसके साथ ही होटलों सहित ऐसे निजी संस्थान जहां बड़ी मात्रा में पानी का आवश्यकता होती है वहां भी निगरानी की जाए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस सुझाव का स्वागत करते हुए बताया कि नगर निगम ने पानी का अवैध व्यापार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की रूपरेखा तैयार कर ली है। इसके साथ ही निजी बोरिंग को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जाएगी।

निजी टैंकरों के रेट पर भी नजर रखने की है जरूरत

गर्मी बढ़ते ही निजी टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई करने वालों की पूछ-परख बढ़ जाती है। देखने में आता है कि निजी टैंकर चालक मनमाने तरीके से पैसा वसूलते हैं। इस बार निगम निजी टैंकरों के रेट को नियंत्रित करने की योजना भी बना रहा है।

निगम ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है

नगर निगम ने जलसंकट की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। स्थिति नियंत्रित है। हमारा लक्ष्य पानी के दुरुपयोग को रोकना है। जल्द ही इस बारे में कुछ सख्त कदम भी उठाए जाएंगे। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर

यह भी पढ़ें- इंदौर में अब नहीं होगी पानी की कमी... हर वार्ड का बनेगा मास्टर प्लान, टैंकर, बोरिंग और पाइपलाइन की हर सप्ताह होगी समीक्षा