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हरा हो गया इंदौर के पीपल्याहाना तालाब का पानी, इसके जरिए जमीन में दूषित जल पहुंचने का खतरा

Indore Pipalyahana Lake: तालाब में काई जमी, गंदगी मिलने की आशंका। यह तालाब ग्राउंड वाटर रिचार्ज करता है। ई-कोलाई बैक्टीरिया जमीन में पहुंचने का डर।

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Tue, 11 Aug 2026 11:57:12 AM (IST)Updated Date: Tue, 11 Aug 2026 12:12:44 PM (IST)
हरा हो गया इंदौर के पीपल्याहाना तालाब का पानी, इसके जरिए जमीन में दूषित जल पहुंचने का खतरा
इंदौर का पीपल्याहाना तालाब। फाइल फोटो

HighLights

  1. पीपल्याहाना तालाब का पानी अचानक हरा पड़ गया है और उसमें काई जम गई
  2. इससे आशंका है कि तालाब में गंदगी या दूषित पानी छोड़ा जा रहा है
  3. तालाब आसपास के इलाके में ग्राउंड वाटर रिचार्ज करने में अहम भूमिका निभाता है

डिजिटल डेस्क, इंदौर। इंदौर के पीपल्याहाना तालाब का पानी हरा पड़ने लगा है और उसमें काई जम रही है। पानी का रंग बदलने से इस बात की आशंका है कि इसमें गंदगी मिल रही है।

दरअसल यह तालाब आसपास के क्षेत्र में ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग में अहम भूमिका निभाता है। इसका पानी गंदा होने पर इससे जमीन में पहुंचने वाले पानी के भी दूषित होने का खतरा है।

इंदौर नगर निगम के अनुसार तालाब में स्टॉर्म वाटर लाइन के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। लेकिन अब तालाब का पानी हरा होने पर इसमें गंदगी छोड़े जाने की आशंका जताई जा रही है।

ई-कोलाई सहित अन्य बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं ग्राउंट वाटर में

किसी जगह पर जमा पानी धीरे-धीरे जमीन में पहुंचता है। ऐसे में इस दूषित पानी के साथ ई-कोलाई सहित अन्य बैक्टीरिया जमीन के अंदर पहुंचने से वहां के पानी के दूषित होने का खतरा बना हुआ है।

बोरिंग के पानी में मिला था ई-कोलाई बैक्टीरिया

कुछ समय पहले इंदौर के अलग-अलग इलाकों में बोरिंग के पानी की जांच में ई-कोलाई बैक्टीरिया सहित अन्य बैक्टीरिया मिले थे। लगातार इस तरह के पानी को पीने से जान का खतरा होता है। उस समय भी यह सवाल उठा था कि जहां से ग्राउंड वाटर रिचार्ज हो रहा है, क्या वो स्थान ही दूषित हैं।

यह भी पढ़ें- पीपल्याहाना तालाब और जिला कोर्ट भवन के बीच बनाएंगे सीमा-चिन्ह, इसके बाद नए सिरे से बनेगी दीवार