इंदौर के इन क्षेत्रों में पेयजल स्रोत की होगी जांच, कलेक्टर ने दिया क्लोरीनीकरण का आदेश
इंदौर जिले की सभी नगर परिषदों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी जल स्रोत की जांच की जाएगी।सात दिन में बोरवेल, हैंडपंप, कुएं और टंकियों की जांच करने के साथ ...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Jan 2026 06:21:29 PM (IST)Updated Date: Sun, 04 Jan 2026 06:21:29 PM (IST)
इंदौर के इन क्षेत्रों में पेयजल स्रोत की होगी जांचनईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिले की सभी नगर परिषदों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सभी जल स्रोत की जांच की जाएगी।सात दिन में बोरवेल, हैंडपंप, कुएं और टंकियों की जांच करने के साथ ही क्लोनीकरण किया जाएगा। जल के प्रमुख स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई कर पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत व सफाई भी होगी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतो की जांच का अभियान चलाया जाएगा।
जल स्रोतों से पेयजल के सैंपलिंग एवं टेस्टिंग
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक लेकर जल व्यवस्था की निगरानी और जांच करने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिले के समस्त जल स्रोतों बोरवेल, हैंडपंप, कुएं, जल टंकियां एवं अन्य पेयजल स्रोत शामिल हैं का नियमित क्लोरीनीकरण किया जाए। इसके साथ ही सभी जल स्रोतों से पेयजल के सैंपलिंग एवं टेस्टिंग की जाए। जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा समस्त पेयजल पाइप लाइनों की मरम्मत एवं समुचित सफाई कराई जाए।
पेयजल से संबंधित शिकायत पर त्वरित कार्रवाई का आदेश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने यह भी निर्देशित किया कि पेयजल से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त होने पर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए सतत निगरानी एवं आवश्यक कदम उठाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इसे भी पढ़ें... इंदौर जल त्रासदी... लापरवाही से लेकर एक्शन तक, जानें अबतक क्या हुआ?