
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। 35 से अधिक लोग गंभीर हालत में अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सभी मरीजों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं।
लोगों का आरोप है कि यह सब गंदा और दूषित पानी पीने के कारण हुआ। मामला गंभीर होने के बावजूद सरकार ने हाई कोर्ट में पेश किए गए आंकड़ों में मृतकों की संख्या कम बताई है। इसे लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेसियों का कहना है कि कोरोना काल की तरह इस बार भी मौतों के असली आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। ताकि जिम्मेदारी से बचा जा सके। आंकड़ों की सच्चाई जानने के लिए नईदुनिया की टीम मालवा मिल मुक्तिधाम पहुंची। यहां स्थिति और भी चौंकाने वाली सामने आई। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले मृतकों की जानकारी दर्ज करने वाला रजिस्टर मौके से गायब मिला। जब निगम कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि दिसंबर महीने का रजिस्टर नगर निगम कार्यालय में जमा हो चुका है।
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मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार किया कि उल्टी-दस्त से करीब 10 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा सरकार ने बताए गए आंकड़ों से अलग है। इससे संदेह और गहरा गया है। तब प्रशासन सिर्फ आंकड़ों का खेल खेल रहा है। मालवा मिल मुक्तिधाम का रजिस्ट्रर्ड की जिम्मेदारी दरोगा अमित गौहर के पास है।
उन्होंने बताया कि महीना पूरा होते ही रजिस्ट्रर्ड निगम दफ्तर भेज दिया जाता है। युवक कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अमित पटेल ने कहा कि पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।