
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : 15वीं बटालियन में पानी की भारी किल्लत सहित अन्य समस्याओं को लेकर पुलिस परिवारों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस परिवार की महिलाओं और पुरुषों ने मटके फोड़कर विरोध जताया। इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी ने मामला दिखवाने की बात कहीं।
15वीं बटालियन कमला नेहरू कॉलोनी, संगम नगर में आठ 15-15 मंजिला बिल्डिंग स्थित हैं। इसमें करीब 950 पुलिस परिवार रहते हैं। प्रदर्शन करने वाले परिवारों के अनुसार प्रत्येक बिल्डिंग में रसोईघर और शौचालय के लिए अलग-अलग टंकी बनाई गई है।
शौचालय की टंकी में पानी नहीं आता है। पानी की किल्लत के कारण रहवासी रसोईघर से पानी भर शौचालय जाने को मजबूर हैं। साथ ही बिल्डिंगों के अंदर और बाहर परिसर में गंदगी पसरी पड़ी रहती है। शौचालय की गंदगी चैंबर्स से बाहर निकलकर परिसर में बह रही है। बदबू के कारण रहवासियों का रहना मुश्किल है।
बाहरी रहवासी परिसर में दो और चार पहिया वाहन खड़े करके चले जाते हैं। परिसर में अधिकांश सीसीटीवी कैमरें बंद पड़े हुए हैं। फ्लैटों के छज्जों पर गंदगी पड़ी रहती है। साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। दो से तीन बिल्डिंग की लिफ्ट पिछले दो महीने से खराब पड़ी हुई है।
इसके कारण बच्चों, बुजुर्गाें और महिलाओं को चढ़ने-उतरने में परेशानी आ रही है। राजावत कंपनी के विवेक सिंह राजावत ने बताया कि हमारे पास कचरा एकत्रीकरण, सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी की निगरानी की व्यवस्था है। सफाई व्यवस्था हमारी कंपनी के पास नहीं है।
परिवारों ने बताया कि प्रत्येक परिवार से रखरखाव के नाम पर हर दिनांक सात को 1500 रुपये लिए जाते हैं। किसी कारण रखरखाव के रुपये देने में एक दिन की देरी हो जाती है, तो 50 से 100 रुपये की पेनल्टी लगा दी जाती है। हर महीने 13 से 14 लाख रुपये रखरखाव के लिए जमा होते है।
सवाल ये कि हर महीने लाखों रुपये कहा जा रहे है? हाउसिंग बोर्ड ने पांच से छह वर्ष पहले बिल्डिंगों का निर्माण किया था। उनका रखरखाव बहुत अच्छा था, लेकिन जब से रखरखाव की जिम्मेदारी 15वीं बटालियन के पास आई तब से हालत खराब है।
उधर, 15वीं बटालियन इंचार्ज व कमाडेंट अभिषेक आनंद ने कहा कि इस मामले को दिखवाता हूं।