इंदौर के भागीरथपुरा में हाहाकार: जलजनित बीमारी 'महामारी' घोषित, अब तक 17 की मौत
indore water contamination: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में फैली जलजनित बीमारी (गंदा पानी पीने से होने वाले रोग) ने अब गंभीर रूप ले ल ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 05 Jan 2026 11:36:34 AM (IST)Updated Date: Mon, 05 Jan 2026 11:36:34 AM (IST)
इंदौर के भागीरथपुरा में जलजनित बीमारी 'महामारी' घोषित। अब तक 17 की मौतHighLights
- सोमवार सुबह 17वीं मौत दर्ज की गई
- अब तक यह स्पष्ट नहीं दूषित पानी कैसे मिला
- केंद्र और राज्य सरकार की टीमें तैनात
मनोज दुबे, नईदुनिया, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में फैली जलजनित बीमारी (गंदा पानी पीने से होने वाले रोग) ने अब गंभीर रूप ले लिया है। रविवार को स्वास्थ्य प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इसे महामारी (Epidemic) घोषित कर दिया। इस बीमारी की चपेट में आने से अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है।
मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा
भागीरथपुर क्षेत्र में दूषित जल से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह 17वीं मौत दर्ज की गई। एक जनवरी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किए गए रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा का निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।
आठ मरीजों की हालत अभी भी गंभीर
वर्तमान में आइसीयू में भर्ती आठ मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जबकि प्रशासन सभी गंभीर मरीजों को शहर के बड़े निजी अस्पतालों में शिफ्ट कर चुका है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शहर के सभी 85 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों की ड्यूटी भागीरथपुर में लगा दी गई है, जिससे अन्य क्षेत्रों के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
17 मौतों के बाद भी हालात सामान्य नहीं
17 मौतों के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नर्मदा जल आपूर्ति में दूषित पानी कहां और कैसे मिला। इसी अनिश्चितता के कारण नर्मदा जल की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। बोरिंग के पानी में भी घातक बैक्टीरिया मिलने की पुष्टि के बाद दोनों प्रमुख जल स्रोत बंद हैं।
रविवार को 50 से अधिक नए मरीज सामने आए
टैंकरों से की जा रही जल आपूर्ति भी भरोसे लायक नहीं मानी जा रही। रविवार को 50 से अधिक नए मरीज सामने आए, जबकि 20 मरीज गंभीर हालत में आइसीयू में भर्ती किए गए हैं। हालात ने प्रशासनिक तैयारियों और जल प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
केंद्र और राज्य की टीमें तैनात
प्रशासन अब इन विशेषज्ञों की मदद से संक्रमण को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहा है। प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई और साफ-सफाई पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की विशेषज्ञ टीमों को इंदौर बुलाया गया है। ये टीमें बीमारी के फैलने के असली कारण (Root Cause) की तलाश कर रही हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने क्या कहा?
विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि जब किसी खास इलाके में बीमारी के मामले सामान्य से कहीं ज्यादा आने लगते हैं, तो उसे महामारी कहा जाता है। भागीरथपुरा की घटना को अब उसी बड़े स्तर पर देखा जा रहा है। नेशनल टीमें जांच कर रही हैं ताकि पता चले कि पानी में गंदगी किसी एक जगह से आ रही है या इसके कई पॉइंट्स हैं।
स्मार्ट सिटी ऑफिस में हाई-लेवल मीटिंग
वहीं इस मामले में बढ़ते जनाक्रोश और राजनीतिक दबाव के बीच रविवार सुबह कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्मार्ट सिटी ऑफिस में एक अहम बैठक की। इस बैठक में देशभर से आए विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में ICMR (कोलकाता), बैक्टीरियल इन्फेक्शन के विशेषज्ञ, भोपाल की स्टेट सर्विलांस टीम के कम्युनिटी मेडिसिन एक्सपर्ट्स भी शामिल थे।