
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में आठवीं मंजिल से गिरकर हुई शादीशुदा युवती की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान नए तथ्य सामने आए हैं। अंजलि की 24 अक्टूबर को पलाश परिसर की आठवीं मंजिल से गिरने से मौत हुई थी। वह आरोपित अजय मुड़े के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
आरोपित उस पर चरित्र को लेकर शंका करता था और उसके साथ मारपीट करता था। पुलिस ने मामले में अंजलि के नाबालिग भाई अर्जुन और पलाश परिसर रहवासी समिति के अध्यक्ष अभिषेक दुबे के बयान दर्ज किए हैं।
अभिषेक ने पुलिस को बताया कि करीब आठ से 10 दिन पहले युवक और युवती पलाश परिसर में किराए से रहने आए थे। इसके बाद से ही उनके फ्लैट से आए दिन झगड़े और चिल्लाने की आवाजें आती थीं। रहवासी समिति का अध्यक्ष होने के नाते वे अन्य रहवासियों के साथ दोनों को समझाने पहुंचे थे। वहां अंजलि के साथ आरोपित अजय पिता राजेंद्र मुड़े मिला था। उस समय अजय ने दोनों के पति-पत्नी होने का दावा किया था। उसने यह भी कहा था कि उनके बीच कोई विवाद नहीं है।
रहवासियों के समझाने के बावजूद दोनों के बीच विवाद बंद नहीं हुआ। इसके बाद अभिषेक ने फ्लैट मालिक वैभव को इसकी जानकारी दी थी। वैभव ने दो दिन में फ्लैट खाली कराने की बात कही थी। इसी बीच 24 अक्टूबर को अंजलि आठवीं मंजिल से नीचे गिर गई। इसके बाद अजय और अन्य लोग उसे मैक्सवेल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां उपचार के दौरान अंजलि की मौत हो गई।
पुलिस ने जांच के दौरान अंजलि के नाबालिग भाई अर्जुन के बयान दर्ज किए। अर्जुन ने बताया कि अजय ने उससे मोबाइल पर संपर्क किया था और कुछ वीडियो भेजे थे। इन वीडियो में अजय अंजलि के साथ मारपीट करता दिखाई दे रहा था।
वहीं, अंजलि उससे रोते-बिलखते हुए माफी मांग रही थी। अर्जुन के अनुसार अजय लगातार अंजलि के चरित्र पर शक करता था और उसे अपशब्द कहता था। भाई ने पुलिस को बताया कि इसी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसकी बहन ने यह आत्मघाती कदम उठाया था।
नाबालिग भाई के बयान और सबूतों के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तेजाजी नगर पुलिस ने देर रात आरोपित अजय मुड़े के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है। मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
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