
रतलाम (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रतलाम रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का दबाव कम करने के लिए रेलवे मोरवानी स्टेशन पर यार्ड विकसित करने की तैयारी कर रहा है। रतलाम मंडल से पश्चिम रेलवे मुख्यालय भेजा गया प्रस्ताव फिलहाल रेलवे बोर्ड स्तर पर लंबित है।
रतलाम स्टेशन के यार्ड में चित्तौड़गढ़, भोपाल व कोटा की गाड़ियों का दबाव रहता है। मोरवानी में यार्ड बनने पर रतलाम में अहमदाबाद, वडोदरा की गाड़ियों का दबाव कम होगा। रेल प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को पत्र लिखा है। डीआरएम विनीत गुप्ता ने इस संबंध में बैठक लेकर दिशानिर्देश दिए हैं। रेलवे ने ड्रॉइंग तैयार करने सहित अन्य प्राथमिक तैयारी कर ली है। वर्तमान में 50 से 60 गाड़ियों का नियमित रूप से परिचालन हो रहा है। इंजन बदलने वाले रिवर्सल पॉइंट खत्म कर बायपास लाइन डाली जाना है। दूसरी योजना यार्ड विकसित करने की है। इसमें मोरवानी स्टेशन पर अतिरिक्त लूप लाइनें बिछाई जाएंगी। रतलाम में अन्य मार्गों की मालगाड़ियों का दबाव रहा तो उन गाड़ियों को मोरवानी यार्ड पर ठहराया जा सकेगा। नई दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर आरके नगर से इंदौर रेलमार्ग के नौगांवा स्टेशन के बीच बायपास लाइन डालने की भी योजना है। इससे ट्रेनों को आरके नगर स्टेशन पर भी ठहराया जाएगा। वर्तमान में मोरवानी स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव है, जबकि आरके नगर पर ठहराव नहीं है। आरके नगर-नौगांवा बायपास योजना में 31 किमी लंबी रेल लाइन डाली जाएगी। इसमें मोरवानी तक 23 किमी व इसके साथ यार्ड की लूपलाइन डालने की योजना है।