लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों की बल्ले-बल्ले: भोपाल रेल डिवीजन में रनिंग कर्मचारियों के 606 पद बढ़े, दो नए कैडर भी बने
भोपाल रेल मंडल में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और अन्य रनिंग कर्मचारियों के कुल 606 पदों में वृद्धि की गई है।
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 09:24:16 AM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 09:24:16 AM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- भोपाल रेल मंडल के रनिंग कर्मचारियों के कुल 606 पदों में वृद्धि की गई है
- टॉवर बैगन लोको पायलट के 36 और ट्रेन मैनेजर काउंसलर के 16 पद शामिल
- पद बढ़ने से कर्मचारियों का अतिरिक्त कार्यभार कम और संचालन सुगम होगा
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। भारतीय रेल के भोपाल मंडल में रनिंग कैडर को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मंडल में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और अन्य रनिंग स्टाफ के कुल 606 पदों में वृद्धि की गई है। इनमें टावर बैगन लोको पायलट के 36 और ट्रेन मैनेजर काउंसलर के 16 पद शामिल हैं।
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के अनुसार भारतीय रेल में इन पदों का सृजन पहली बार किया गया है। महामंत्री अशोक शर्मा के प्रयासों और उठाए गए मुद्दों के बाद भोपाल मंडल में रनिंग कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का निर्णय हुआ है।
संगठन का कहना है कि लंबे समय से रनिंग कैडर में कर्मचारियों की कमी और बढ़ते कार्यभार का मुद्दा मंचों पर उठाया जाता रहा है। पदों में वृद्धि से कर्मचारियों पर काम का दबाव कम होने के साथ ही रेल संचालन की सुरक्षा और कार्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।
इन पदों में हुई वृद्धि
| क्र. सं. | पद का नाम | बढ़ाए गए पदों की संख्या |
| 1. | लोको पायलट (मेल) | 39 |
| 2. | लोको पायलट (पैसेंजर) | 3 |
| 3. | लोको पायलट (गुड्स) | 124 |
| 4. | टॉवर बैगन लोको पायलट | 36 |
| 5. | वरिष्ठ सहायक लोको पायलट | 181 |
| 6. | सहायक लोको पायलट | 45 |
| 7. | लोको पायलट (शंटर) | 8 |
| 8. | मुख्य लोको निरीक्षक | 8 |
| 9. | ट्रेन मैनेजर (मेल) | 86 |
| 10. | ट्रेन मैनेजर (पैसेंजर) | 3 |
| 11. | वरिष्ठ ट्रेन मैनेजर (गुड्स) | 29 |
| 12. | ट्रेन मैनेजर (गुड्स) | 29 |
| 13. | ट्रेन मैनेजर काउंसलर | 16 |
| — | कुल योग | 606 |
कार्यभार कम होगा, ड्यूटी रोस्टर में भी सुधार की उम्मीद
रनिंग कैडर में पद बढ़ने से लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर सहित अन्य कर्मचारियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त कार्यभार को कम करने में मदद मिलेगी।
पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से ड्यूटी रोस्टर को बेहतर बनाने, कर्मचारियों को निर्धारित विश्राम देने और कार्य-जीवन संतुलन सुधारने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
पदों का सृजन मजबूती देगा
संगठन का मानना है कि रनिंग स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सीधे तौर पर सुरक्षित रेल संचालन से जुड़ी हुई है। संघ के मुताबिक कर्मचारी संख्या बढ़ाना सिर्फ पदों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि सुरक्षित रेल संचालन में निवेश है।
विशेष रूप से टॉवर बैगन लोको पायलट के पदों के सृजन से विद्युत एवं ओएचई से संबंधित परिचालन कार्यों के लिए आवश्यक मानव संसाधन मजबूत होगा।
ट्रेन मैनेजर काउंसलर के पदों से ट्रेन मैनेजरों के प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और कार्य संबंधी समस्याओं के समाधान में मदद मिलने की उम्मीद है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।