8 लाख रुपये का बिल पास कराने के बदले मांगी 3 लाख की घूस; इटारसी KV प्राचार्य श्रद्धा पाठक पर CBI ने दर्ज किया केस
करीब 8 लाख रुपये के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले केंद्रीय विद्यालय-1 आर्डिनेंस फैक्ट्री इटारसी की प्राचार्य श्रद्धा पाठक पर 3 लाख रुपये रिश्वत मा...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 04:02:49 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 04:02:49 PM (IST)
केंद्रीय विद्यालय-1 आर्डिनेंस फैक्ट्री की प्राचार्य श्रद्धा पाठक। नईदुनिया।HighLights
- करीब 8 लाख रुपये के लंबित भुगतान के लिए मांगी घूस
- बिल पास करने के लिए 3 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
- केंद्रीय विद्यालय-1 इटारसी की प्राचार्य श्रद्धा पाठक पर केस दर्ज
नईदुनिया प्रतिनिधि, इटारसी। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय-2 सीपीई के तीन कमरों के नवीनीकरण कार्य के करीब 8 लाख रुपये के लंबित भुगतान को जारी करने के बदले 3 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में केंद्रीय विद्यालय-1 आर्डिनेंस फैक्ट्री की प्राचार्य श्रद्धा पाठक के खिलाफ सीबीआई एसीबी भोपाल ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक सत्यापन कार्रवाई में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई।
भोपाल निवासी ऋषि जैन ने 5 अक्टूबर को सीबीआई एसीबी भोपाल के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी फर्म सहित परिवार के स्वामित्व वाली तीन अन्य संबंधित फर्मों को सितंबर माह में जेम पोर्टल के माध्यम से पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय-2 सीपीई इटारसी में तीन कमरों के नवीनीकरण का ठेका मिला था।
शिकायतकर्ता के अनुसार कार्य करीब 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और करीब 8 लाख रुपये के बिल भुगतान के लिए लंबित हैं।
3 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत में जैन ने आरोप लगाया कि लंबित बिलों का भुगतान जारी करने की प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्ति केंद्रीय विद्यालय-1, आर्डिनेंस फैक्ट्री इटारसी की प्राचार्य श्रद्धा पाठक के पास है। 3 अक्टूबर को वह लंबित भुगतान जारी कराने के संबंध में प्राचार्य के कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान प्राचार्य ने बिलों का भुगतान जारी करने के एवज में 3 लाख रिश्वत की मांग की।
रिश्वत देने बनाया गया दबाव
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में केंद्रीय विद्यालय-1 के भुगतान को लेकर भी उससे रिश्वत की मांग की गई थी। अप्रैल माह में दबाव में आकर उसने रिश्वत की राशि दी थी। उसने इस संबंध में प्रमाण होने की बात भी शिकायत में कही है।
शिकायत सीबीआई एसीबी भोपाल के इंस्पेक्टर अभिषेक सोनेकर को सत्यापन के लिए सौंपी गई। 6 अक्टूबर को स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में शिकायत का सत्यापन किया गया। सीबीआई के अनुसार सत्यापन के दौरान लंबित बिलों का भुगतान जारी करने के बदले 3 लाख की अनुचित राशि की मांग की पुष्टि हुई।
सत्यापन में यह भी सामने आया कि प्राचार्य ने 3 लाख की राशि 7 अक्टूबर को इटारसी में उनके द्वारा बताए गए किसी व्यक्ति के माध्यम से स्वीकार करने पर सहमति जताई थी।