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जबलपुर जिले में 17 पटवारी सस्पेंड, 164 को नोटिस विरोध में बंद कर दिए ऑनलाइन काम

कार्रवाई से पहले संबंधित पटवारियों को कई बार निर्देश दिए गए और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई क...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 10:55:15 AM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 11:02:54 AM (IST)
जबलपुर जिले में 17 पटवारी सस्पेंड, 164 को नोटिस विरोध में बंद कर दिए ऑनलाइन काम
जबलपुर में पटवारियों के ऊपर कार्रवाई। - प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. आक्रोशित पटवारियों ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव
  2. निलंबन वापस नहीं हुआ तो हड़ताल की चेतावनी
  3. स्वामित्व अभियान के कार्यों को लेकर आपत्ति

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर जिले में पटवारियों और प्रशासन के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में प्रशासन ने 17 पटवारियों को निलंबित, दो की दो-दो वेतन वृद्धि रोकी और 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई के विरोध में पटवारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट का घेराव किया और राजस्व से जुड़े आनलाइन काम बंद कर दिए।

पटवारी संगठन ने चेतावनी दी है कि निलंबन आदेश वापस नहीं लिए गए तो वे काम बंद हड़ताल पर जा सकते हैं। प्रशासन के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री, बकेट क्लेम, पीएम किसान योजना, किसानों की ई-केवायसी और स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के निष्पादन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई है।


कुछ कार्यों को लेकर आपत्ति

अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई से पहले संबंधित पटवारियों को कई बार निर्देश दिए गए और कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए। जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। दूसरी ओर कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में पटवारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। पटवारी संगठन का कहना है कि वे किसी शासकीय कार्य के विरोध में नहीं हैं, बल्कि स्वामित्व अभियान में उन्हें दिए जा रहे कुछ कार्यों को लेकर आपत्ति है।

विरोध के दौरान पटवारियों ने राजस्व से जुड़े ऑनलाइन काम बंद कर दिए। इससे नामांतरण, बंटवारा, गिरदावरी, सीमांकन और खसरा-खतौनी सहित अन्य आनलाइन राजस्व सेवाओं के प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।

स्वामित्व अभियान बना विवाद की मुख्य वजह

पटवारियों का कहना है कि स्वामित्व अभियान में ग्रामीणों की रजिस्ट्री कराने का काम मूल रूप से पंजीयन विभाग से जुड़ा है। पटवारी संगठन की कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे के अनुसार पटवारी शासकीय कार्य से पीछे नहीं हट रहे, लेकिन स्वामित्व योजना के अधिकार अभिलेखों और रजिस्ट्री प्रक्रिया में पटवारियों की व्यक्तिगत जानकारी प्रदर्शित किए जाने पर आपत्ति है।

संगठन का कहना है कि व्यक्तिगत आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ओटीपी, नाम और फोटो जैसी जानकारी सार्वजनिक प्रदर्शित होने के बजाय केवल पदनाम का उल्लेख होना चाहिए। पटवारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा है।

कहां कितने पटवारी निलंबित

जानकारी के अनुसार जबलपुर तहसील के छह, पनागर के चार, शहपुरा के दो, सिहोरा के दो तथा कुंडम, मझौली और पोंडा तहसील के एक-एक पटवारी को निलंबित किया गया है। निलंबित पटवारियों में जबलपुर तहसील के कपिल तिवारी, अमन चौरसिया, प्रशांत डोंगरे, रोहित पटेल, ओमप्रकाश तिवारी और नीलेश यादव शामिल हैं।

पनागर से मुकेश मिश्रा, सजल नामदेव, सुरेंद्र कुमार कैथल और अभिषेक शर्मा, शहपुरा से दिलीप सिंह ठाकुर और सनिल पटेल, सिहोरा से निशांत वर्मा और हेमा कुम्हरे, कुंडम से दीपक प्रकाश छत्तर, मझौली से पूनम श्रीवास्तव और पोंडा से रोहित पाठक को निलंबित किया गया है। मझौली क राहुल पटेल और अभिषेक विश्वकर्मा की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है।

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