
आलोक बैनर्जी, नईदुनिया जबलपुर। जबलपुर जिले में बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए चल रहा नियमित टीकाकरण अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष शून्य से पांच साल तक के 48 हजार बच्चों को टीकाकरण के दायरे में रखा था, जिनमें से 43,200 यानी 90 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है। अब शेष 4,800 बच्चों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य अमला घर-घर जाकर अभियान तेज कर रहा है।
खास फोकस शून्य से दो साल की उम्र के बच्चों पर है, क्योंकि इस आयु वर्ग में 12 तरह की गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं। नियमित टीकाकरण के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में टीकाकरण जारी है। दूरदराज के गांवों में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से छूटे बच्चों को ट्रैक किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम स्लम, संवेदनशील क्षेत्रों को ट्रैक कर लगातार लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। विभिन्न टीमों को अलग अलग ब्लाक में बांटकर यह कार्य किया जा रहा है। जिसमें चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व आशा-आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। साथ ही पालकों को जागरूक करने का भी प्रयास है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विनोद गुप्ता के अनुसार, जिले में इस वर्ष 48,000 से अधिक बच्चों को टीकाकरण के लक्ष्य में रखा गया है। इसमें से अब तक 43,200 बच्चों का टीकाकरण पूरा हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। टीकाकरण में ज्यादा जोर शून्य से दो साल के बच्चों पर है, क्योंकि इस उम्र में 12 तरह की गंभीर बीमारियों से बचाव के टीके लगाए जाते हैं।
पिछले साल की तुलना में इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 2024-25 में 88 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी कवरेज था, जो अब बढ़कर 90 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी हो गया है।
शहरी क्षेत्र में 93 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी और ग्रामीण क्षेत्र में 88 इस साल टीकाकरण में आठ फीसदी की बढ़ोतरी टीकाकरण हो चुका है। सबसे कम कवरेज पनागर और मझौली ब्लाक में है, जहां विभाग विशेष ध्यान दे रहा है।
यह भी पढ़ें- बच्चों के लिए टीकाकरण क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट डॉक्टर ने बताई पते की बात