• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर-मंडला-चिल्पी हाईवे की 63 किमी सड़क अब एनएचएआई के हवाले, जल्द लगेगा टोल नाका

टोल प्लाजा का स्थान और वसूली शुरू होने की तारीख सहित अंतिम निर्णय एनएचएआई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। परियोजना की अंतिम लागत प्रशासन...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 08:27:36 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 08:27:36 PM (IST)
जबलपुर-मंडला-चिल्पी हाईवे की 63 किमी सड़क अब एनएचएआई के हवाले, जल्द लगेगा टोल नाका
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब चार हजार करोड़ रुपये बताई गई है। सौजन्‍य एआई

HighLights

  1. नागाघाटी से मंडला सीमा तक का हिस्साएमपीआरडीसी के पास
  2. सड़क संचालन व रखरखाव पर होने वाले खर्च की व्यवस्था है उद्देश्य
  3. जबलपुर-चिल्पी फोरलेन की डीपीआर पर चल रहा काम

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर से मंडला होते हुए चिल्पी तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में बदलने की तैयारी के बीच सड़क के एक महत्वपूर्ण हिस्से का स्वामित्व और रखरखाव जल्द राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के पास पहुंचने वाला है।

जीर्णोद्धार का काम भी एमपीआरडीसी के माध्‍यम से

नागाघाटी-डोबी से मंडला सीमा तक करीब 63 किलोमीटर सड़क फिलहाल मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के पास है। इसके रखरखाव और जीर्णोद्धार का काम भी एमपीआरडीसी के माध्यम से कराया गया है। अब इस हिस्से को एनएचएआई को सौंपने की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है।


मार्ग पर टोल व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी

सड़क एनएचएआई को हस्तांतरित होने के बाद इस मार्ग पर टोल व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य सड़क के संचालन और रखरखाव पर होने वाले खर्च की व्यवस्था करना है। हालांकि टोल प्लाजा का स्थान और वसूली शुरू होने की तारीख सहित अंतिम निर्णय एनएचएआई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

रिंग रोड से बदला मार्ग का हिस्सा

जबलपुर से मंडला-चिल्पी तक पुराने मार्ग की लंबाई करीब 176 किलोमीटर बताई जाती रही है। जबलपुर रिंग रोड के निर्माण के बाद बरेला तक का हिस्सा नए कारिडोर के दायरे में आ गया है। इससे पुराने हाईवे का करीब 26 किलोमीटर हिस्सा अलग हो गया है।

मंडला से चिल्पी तक 87 किलोमीटर मार्ग एनएचएआई के अधीन

अब नागाघाटी-डोबी क्षेत्र से मंडला की ओर जाने वाले हिस्से को इस कारिडोर का प्रमुख शुरुआती बिंदु माना जा रहा है। वर्तमान व्यवस्था में नागाघाटी से मंडला सीमा तक करीब 63 किलोमीटर हिस्सा एमपीआरडीसी के पास है, जबकि मंडला से चिल्पी तक करीब 87 किलोमीटर मार्ग एनएचएआई के अधीन है। ऐसे में हस्तांतरण के बाद जबलपुर से मंडला की ओर जाने वाले मार्ग का बड़ा हिस्सा एक ही केंद्रीय एजेंसी के अधीन आ जाएगा।

चार हजार करोड़ की फोरलेन परियोजना का प्रस्ताव

जबलपुर से मंडला और चिल्पी तक मौजूदा सड़क को फोरलेन में विकसित करने की योजना पर भी काम चल रहा है। केंद्र सरकार ने मई 2026 में जबलपुर-चिल्पी एनएच-30 के करीब 160 किलोमीटर लंबे हिस्से को दो लेन से आधुनिक चार लेन कारिडोर में विकसित करने की डीपीआर प्रक्रिया प्रगति पर होने की जानकारी दी थी।

आधुनिक इंजीनियरिंग से जुड़े प्रवि‍धानों पर भी जोर

परियोजना में सुरक्षित यात्रा, बेहतर कनेक्टिविटी, वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक इंजीनियरिंग से जुड़े प्रवि‍धानों पर भी जोर दिया गया है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब चार हजार करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि परियोजना की अंतिम लागत प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियों और डीपीआर में तय होने वाले कार्यों के आधार पर निर्धारित होगी।

पुराने रिकार्ड में भी टोल व्यवस्था का प्रावधान

जबलपुर-मंडला-चिल्पी मार्ग के पुराने परियोजना दस्तावेजों में भी इस कारिडोर के लिए टोल प्लाजा का प्रावधान दर्ज रहा है। 2014 के परियोजना रिकार्ड में करीब 177.75 किलोमीटर लंबे मार्ग के लिए तीन टोल प्लाजा प्रस्तावित किए गए थे।

इस मार्ग पर टोल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में

अब सड़क के एमपीआरडीसी से एनएचएआई को हस्तांतरण और प्रस्तावित फोरलेन परियोजना के आगे बढ़ने के साथ इस मार्ग पर टोल व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। फिलहाल सबसे पहले 63 किलोमीटर हिस्से के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होना है। इसके बाद एनएचएआइ सड़क के रखरखाव, टोल व्यवस्था और आगामी फोरलेन परियोजना से संबंधित अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में सोशल मीडिया पर डाॅक्टर का नंबर ढूंढना पड़ा महंगा, लिंक खुलते ही खाते से निकले 2.75 लाख रुपये