
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। साइबर ठग लोगों की जरूरत और लापरवाही का फायदा उठाकर खातों तक पहुंच बना रहे हैं। जिले में तीन अलग-अलग मामलों में ठगों ने लोगों को विभिन्न तरीके से निशाना बनाया। डाॅक्टर का नंबर गूगल पर तलाशना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया।
दूसरे मामले में महिला के यूपीआई नहीं चलाने के बावजूद खाते से रकम ट्रांसफर होती रही। वहीं तीसरे मामले में बैंक पहुंचने पर व्यक्ति को अपने खाते से रकम निकलने की जानकारी हुई। तीनों मामलों में पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हनुमानताल पुलिस के अनुसार शुक्रवारी बजरिया फूटाताल निवासी स्वतंत्र जैन (50) बैग प्रिंटिंग का काम करते हैं। उनकी मां के पेट में तकलीफ थी। डाक्टर को दिखाने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर नंबर तलाशा और उस पर काल किया। फोन साइबर ठग लग गया।
खुद को डाॅक्टर का रिसेप्शनिस्ट बताया और मरीज की जानकारी भरने के लिए मोबाइल पर ऑनलाइन लिंक भेजी। स्वतंत्र ने लिंक पर जानकारी भरी तो इसके बाद बुकिंग के लिए पांच रुपये ऑनलाइन भेजने को कहा गया। इसके साथ एक एपीके फाइल भेजी गई। पांच रुपये ट्रांसफर करने के बाद उनसे एक और फार्म भरवाया गया। इसके बाद लगातार लिंक आने लगे। तीन दिन में उनके खाते से कुल 2.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए गए।
संजीवनी नगर निवासी सविता (49) का खाता बैंक ऑफ महाराष्ट्र की संजीवनी नगर शाखा में है। उनका मोबाइल नंबर खाते से लिंक है, लेकिन वह यूपीआई का इस्तेमाल नहीं करतीं। इसके बावजूद 18 से 21 सितंबर के बीच उनके खाते से एक लाख 77 हजार 902 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हो गए। 22 सितंबर को बैंक से रुपये निकालने पहुंचीं तो उन्हें ठगी का पता चला।
कटंगी थाना क्षेत्र के बेलखाडू निवासी सुरेश कुमार (46) एक कंपनी में असिस्टेंट मटेरियल इंजीनियर हैं। उनके खाते से साइबर अपराधियों ने 52 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए। बैंक पहुंचने पर उन्हें इसका पता चला।
यह भी पढ़ें- जबलपुर में शैल्वी के बाद अश्वनी हॉस्पिटल में मरीज की मौत, लगाई गई बॉटल एक वर्ष पूर्व एक्सपायर, जांच के बाद सील