• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • दिवाली पूजन 2026
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

कोर्ट का वारंट लेकर पहुंचे अधिवक्ता, 15 दिन में मुआवजा देने का लिखित भरोसा, टली कलेक्ट्रेट की कुर्की

सड़क हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिवार को मुआवजा नहीं मिलने पर बुधवार को कलेक्ट्रेट में कुर्की की कार्रवाई की नौबत आ गई।

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 10:43:10 AM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 10:43:10 AM (IST)
कोर्ट का वारंट लेकर पहुंचे अधिवक्ता, 15 दिन में मुआवजा देने का लिखित भरोसा, टली कलेक्ट्रेट की कुर्की
आदेश के पालन के लिए अधिवक्ता सीपी सिंह, प्रमोद विश्वकर्मा और आत्माराम लखेरा कोर्ट के नाजिर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। नईदुनिया

HighLights

  1. 12.93 लाख रुपये के मुआवजा हुआ 18.03 लाख
  2. नाजिर के साथ अधिवक्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे
  3. अपर कलेक्टर, दो एसडीएमकी समझाइश

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अदालत के आदेश पर कोर्ट के नाजिर के साथ अधिवक्ता कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। भुगतान की समयसीमा को लेकर अधिकारियों और अधिवक्ताओं के बीच बातचीत हुई।

15 दिन और 15 कार्य दिवस अलग-अलग हैं

प्रशासन ने पहले 15 कार्य दिवस में भुगतान का लिखित आश्वासन देने की कोशिश की, लेकिन अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि 15 दिन और 15 कार्य दिवस अलग-अलग हैं। अंततः प्रशासन ने 15 दिन में भुगतान का लिखित भरोसा दिया, जिसके बाद कुर्की की कार्रवाई रोक दी गई।

दीपावली की छुट्टियों का हवाला देते हुए सवाल उठाए

कलेक्ट्रेट में अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह और एसडीएम पंकज मिश्रा और आरएस मरावी अधिवक्ताओं को मनाने में जुटे रहे। लिखित आश्वासन में 15 कार्य दिवस दर्ज किए जाने पर अधिवक्ताओं ने दीपावली की छुट्टियों का हवाला देते हुए सवाल उठाए।


प्रशासनिक दबाव में कार्रवाई रोकी तो, अदालत को बताएंगे

कोर्ट के नाजिर ने कहा कि प्रशासनिक दबाव में कार्रवाई रोकी गई तो इसकी जानकारी अदालत को दी जाएगी। अधिवक्ताओं ने कलेक्टर को आवंटित सरकारी वाहन की चाबी लेने और कलेक्टर न्यायालय के सामान की सूची बनाने की तैयारी भी की थी। कार्यालय में ताला लगाने की स्थिति बनने पर प्रशासन ने लिखित आश्वासन में संशोधन किया और कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी।

क्या है मामला

यह मामला 7 अक्टूबर 2019 को कुंडम में हुए सड़क हादसे का है। एसडीएम कार्यालय की बोलेरो की टक्कर से नवाब खान की मौत हो गई थी। उनकी पत्नी नूरजहां, बेटे शब्बीर और बेटी मुस्कान ने मुआवजे के लिए अदालत में दावा किया था।

आवेदन की तारीख से सात प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया था

तीसवें अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 25 फरवरी 2025 को परिवार को 12 लाख 93 हजार रुपये मुआवजा और आवेदन की तारीख से सात प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया था। भुगतान नहीं होने पर ब्याज और खर्च सहित बकाया राशि 18 लाख तीन हजार 262 रुपये हो गई।

चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया

अदालत ने कलेक्टर कार्यालय की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया। आदेश के पालन के लिए अधिवक्ता सीपी सिंह, प्रमोद विश्वकर्मा और आत्माराम लखेरा कोर्ट के नाजिर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। हालांकि बातचीत के बाद कुर्की फिलहाल टल गई है।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में पुलिस की 'तैयारी' संदिग्धों पर भारी, धनतेरस से दीवाली तक सुरक्षा का विशेष प्लान

एक क्लिक पर पढ़ें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लेटेस्ट खबरें। Hindi News पढ़ें। MP News, Chhattisgarh news, आज का राशिफल और आज का मौसम से जुड़ी ताजा जानकारी पढ़ें।