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अवैध कॉलोनियों के खिलाफ फिर होगी कार्रवाई, जबलपुर में कॉलोनाइजरों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा, SDM से मांगी रिपोर्ट

Jabalpur Unauthorized Colonies Action: शहर और ग्राम सीमा में तेजी से विकसित हो रही अवैध कालोनियों के खिलाफ नगर निगम के बाद अब जिला प्रशासन भी कार्रवाई...और पढ़ें

By Atul ShuklaEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 09:08:03 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 09:08:03 PM (IST)
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ फिर होगी कार्रवाई, जबलपुर में कॉलोनाइजरों की मनमानी पर कसेगा शिकंजा, SDM से मांगी रिपोर्ट
त्योहारी सीजन में अवैध प्लॉटिंग पर अलर्ट।

HighLights

  1. जबलपुर जिला प्रशासन का बड़ा फैसला
  2. त्योहारी सीजन में अवैध प्लॉटिंग पर अलर्ट
  3. नीलामी के पैसों से बनेंगे सड़क और नाले

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर और ग्राम सीमा में तेजी से विकसित हो रही अवैध कालोनियों के खिलाफ नगर निगम के बाद अब जिला प्रशासन भी कार्रवाई की तैयारी में हैं। इस बार जिला प्रशासन की कार्रवाई केवल कालोनाइजरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने या नोटिस तक सीमित नहीं रखने की तैयारी है।

बल्कि अवैध कालोनियों में कालोनाइजरों के खाली प्लाट चिह्नित कर उन्हें नियमानुसार अधिग्रहित करने और बाद में उनकी बिक्री कर उससे मिलने वाली राशि से संबंधित अवैध कालोनियों में ही सड़क, नाली, बिजली सहित जरूरी मूलभूत सुविधाओं के विकास के कार्य कराएगा।


कई अवैध कॉलोनियों के नाम शामिल

दरअसल, अवैध कॉलोनियों को लेकर जिला प्रशासन ने संबंधित एसडीएम से उनके क्षेत्र में विकसित कॉलोनियों की जानकारी मांगी थी, जिसके आधार पर कॉलोनियों और कॉलोनाइजरों की सूची तैयार की जा रही है। हालांकि प्रशासन को भेजी गई जानकारी में भी एकरूपता नहीं है।

कुछ एसडीएम कार्यालयों से भेजी क सूची में कई अवैध कॉलोनियों के नाम शामिल किए गए, जबकि बाद में कुछ के नाम सूची से हटा भी दिए गए। वहीं जिन कॉलोनियों के नाम सूची में रखे गए हैं, उनमें भी कार्रवाई नहीं हुई।

कार्रवाई के बाद भी नहीं थम रहा विस्तार

शहर की सीमा से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के छोटे-छोटे भूखंड काटकर प्लॉटिंग किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। कई स्थानों पर कॉलोनाइजरों द्वारा आवश्यक अनुमति और विकास कार्य पूरे किए बिना प्लॉट बेचने के मामले सामने आते हैं। इससे यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों को बाद में सड़क, नाली, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ती है।

प्रशासन और नगर निगम की पूर्व कार्रवाई के बावजूद अवैध कालोनियों का सिलसिला नहीं थमने से अब फिर से कार्रवाई की तैयारी शुरू हो रही है। खासतौर पर त्यौहार सीजन में इन अवैध कॉलोनियों में प्लांट बेंचने की तैयारी भी शुरू हो गई है।

खाली प्लाट होंगे कार्रवाई का आधार

सूत्रों की माने तो जिला प्रशासन का फोकस उन अवैध कालोनियों पर है, जहां कालोनाइजर के नाम पर अभी भी खाली प्लाट उपलब्ध हैं। इन भूखंडों को चिह्नित करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की योजना के मुताबिक यदि खाली प्लाट अधिग्रहित कर उनकी बिक्री की जाती है तो उससे मिलने वाली राशि को संबंधित कालोनी के विकास कार्यों में लगाया जा सकता है। इ

ससे कालोनी में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता भी खुल सकता है।हालांकि इसके लिए संबंधित भूखंडों की स्थिति, स्वामित्व और कालोनी के वैधानिक दस्तावेजों की जांच जरूरी होगी। प्रशासन स्तर पर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है।

अधूरी जानकारी से अटका काम

अवैध कालोनियों की वास्तविक संख्या और वहां सक्रिय कालोनाइजरों की पहचान प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। एसडीएम स्तर से भेजी गई जानकारी पूरी नहीं होने के कारण जिले की एक समग्र सूची तैयार करने में परेशानी आ रही है। अब प्रशासन संबंधित अधिकारियों से शेष जानकारी जुटाने के साथ सूची को अपडेट कराने की तैयारी कर रहा है।

यह भी पढ़ें- होटल-मॉल ने अपना कचरा नहीं संभाला तो कटेगा बिजली-पानी, एमपी के 3 हजार परिसरों को नोटिस की तैयारी

यह उठे सवाल

  • कई एसडीएम ने अवैध कॉलोनियों ने पसंदीदा का नाम हटाए
  • जो नाम भेजे, उनमें भी कई बाद बदलाव किया
  • कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की गई
  • जिन कॉलोनियों में अतिक्रमण तोड़े वहां फिर बनने लगे
  • तहसील स्तर पर भी अवैध कालोनियों के नामांतरण हो रहे

इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

  • अवैध कालोनियों का नए सिरे से सर्वे।
  • कॉलोनाइजर और भूमि स्वामित्व की जानकारी जुटाना।
  • नियमानुसार अधिग्रहण की कार्रवाई।
  • प्लाट बिक्री से प्राप्त राशि से विकास कार्य कराने की संभावना।
  • एसडीएम से मिली अधूरी जानकारी को पूरा कराना।

यहां बन रही अवैध कालोनियां

बरेला, बरगी, पनागर, पाटन, महाराजपुर, रांझी, बिलहरी, भेड़ाघाट-कटंगी-पाटन बाइपास, सूखा, सुहागी, ग्वारीघाट।