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अधारताल कबाड़खाना विस्फोट : जबलपुर में शमीम कबाड़ी के खिलाफ मामला खत्म, हाई कोर्ट ने प्राथमिकी निरस्त की

मामला 25 अप्रैल, 2024 को खजरी-खिरिया स्थित रजा मेटल इंडस्ट्रीज के कबाड़ परिसर में हुए विस्फोट से जुड़ा है। हादसे में भोला राम भूमिया और खलील की मौत हु...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 05:42:50 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 05:42:50 PM (IST)
अधारताल कबाड़खाना विस्फोट : जबलपुर में शमीम कबाड़ी के खिलाफ मामला खत्म, हाई कोर्ट ने प्राथमिकी निरस्त की

HighLights

  1. बेटे की रजा मेटल इंडस्ट्रीज में हुआ था विस्फोट
  2. शमीम पांच साल से नागपुर में रह रहे थे
  3. फैक्ट्री से संबंध का साक्ष्य नहीं मिला

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने अधारताल थाना क्षेत्र के बहुचर्चित कबाड़खाना विस्फोट मामले में शमीम खान को बड़ी राहत दी है।

परिसर और कारोबार से उनका कोई संबंध नहीं...

शमीम खान के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और उसके आधार पर चल रही समस्त आपराधिक कार्रवाई निरस्त कर दी। शमीम खान ने याचिका में कहा था कि विस्फोट वाले परिसर और कारोबार से उनका कोई संबंध नहीं है तथा वे पांच वर्ष से अधिक समय से नागपुर में रह रहे हैं।

संबंधित दस्तावेज बेटे फहीम के नाम पर थे

अभिलेखों के अनुसार फैक्ट्री का स्वामित्व और संचालन उनके बेटे फहीम खान के नाम पर था। राजस्व, वस्तु एवं सेवा कर, बिजली तथा अन्य संबंधित दस्तावेज भी फहीम के नाम पर थे। राज्य ने शमीम के पुराने आपराधिक मामलों का उल्लेख करते हुए उन्हें आदतन अपराधी बताया।


पर्याप्त साक्ष्य अभिलेख पर नहीं है

हाई कोर्ट ने पाया कि विस्फोट, विस्फोटक सामग्री, आपराधिक षड्यंत्र या किसी आरोपित को शरण देने में शमीम की भूमिका स्थापित करने वाला पर्याप्त साक्ष्य अभिलेख पर नहीं है।

बिना पर्याप्त साक्ष्य आपराधिक कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती

पीठ ने कहा कि केवल अपराध की गंभीरता के आधार पर बिना पर्याप्त साक्ष्य आपराधिक कार्रवाई जारी नहीं रखी जा सकती। कोर्ट ने शमीम के खिलाफ प्राथमिकी और पूरी कार्रवाई निरस्त कर दी। राहत केवल शमीम खान तक सीमित रहेगी।

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