
डिजिटल डेस्क, नईदुनिया जबलपुर। महाकोशल-विंध्य में अर्णब तूफान के असर से बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
जबलपुर सहित आसपास के जिलों में लगातार दूसरे दिन बारिश और बूंदाबांदी से खेतों में खड़ी और कटकर रखी फसलें प्रभावित हुई हैं।
कटनी में तेज हवाओं से धान की फसल खेतों में बिछ गई, जबकि डिंडौरी के बजाग में 24 घंटे के दौरान एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे तैयार धान और सोयाबीन की फसल को नुकसान पहुंच रहा है।
अनूपपुर में खेतों में खड़ी पकी धान की फसल तेज हवा और बारिश की चपेट में है, वहीं खेतों और खलिहानों में कटी धान पूरी तरह भीग गई है। धान में नमी बढ़ने, दाने काले पड़ने और अंकुरण होने का खतरा है।
नरसिंहपुर में किसान खेतों में कटी मक्का और अन्य खरीफ फसलों को सुरक्षित रखने में जुटे हैं, लेकिन मंडियों में रोजाना आठ से दस हजार क्विंटल अनाज आने के बावजूद हजारों क्विंटल उपज खुले आसमान के नीचे पड़ी है। शेडों में व्यापारियों का माल हफ्तों से जमा होने के कारण किसानों को जगह नहीं मिल रही।
तेज बारिश से खुले में रखी उपज खराब होने और फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। रीवा, सतना समेत अन्य जिलों में भी मौसम बिगड़ा हुआ है। अगले दो दिन जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी और सिवनी सहित आसपास के जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं बारिश की संभावना है।
शहडोल में बीत दिनों में औसत 22.9 मिमी वर्षा हुई है। भू अभिलेख विभाग में दर्ज आंकडों के मुताबिक 31 अक्टूबर को 0.1 मिमी, 30 अक्टूबर को 16.3 मिमी एवं 29 अक्टूबर को 6.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई।
शनिवार को भी बादल रहे लेकिन हल्की रिमझिम बरसात ही हुई है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जिले में शनिवार को अधिकतम 25 और न्यूनतम 20 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
कटनी पिछले 24 घंटे में 1.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज हुई है। सुबह हल्की बूंदाबांदी के बाद दो दिन से चल रही तेज हवाएं भी थम गई है और दोपहर बाद बादलों के बीच से हल्की धूप निकल रही है। जिसके चलते दिन में ठंड का असर भी कम हुआ है और तापमान में भी वृद्धि हुई है। बादलों का डेरा बना हुआ है।
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