जबलपुर में पारस यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपित के घर चला बुलडोजर, भंडारे के दौरान हुआ था खूनी संघर्ष
रांझी के आजाद नगर क्षेत्र में भंडारे के दौरान हुए खूनी संघर्ष और पारस यादव की हत्या के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
Publish Date: Thu, 29 Oct 2026 05:04:12 PM (IST)Updated Date: Thu, 29 Oct 2026 05:05:09 PM (IST)
HighLights
- शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर रखा था
- नगर निगम के अतिक्रमण शाखा ने की कार्रवाई
- भंडारे में विवाद के बाद हुआ था खूनी संघर्ष
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रांझी के आजाद नगर क्षेत्र में भंडारे के दौरान हुए खूनी संघर्ष और पारस यादव की हत्या के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हत्याकांड के मुख्य आरोपित सबीर बंशकार और उसके परिजनों द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माणों पर गुरुवार को प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।
कार्रवाई के दौरान शासकीय भूमि पर बनाए गए मकान, दुकानें और अन्य अतिक्रमण हटाकर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।
शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर रखा था
प्रशासन की जांच में सामने आया कि आरोपित और उसके परिजनों ने नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, वाचनालय और दुर्गा मंदिर के सामने स्थित शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर रखा था। यहां दुकानें और मकान बनाए गए थे। इसके अलावा मौके पर सुअर पालन किए जाने की बात भी सामने आई।
पंप हाउस पर कब्जा कर रहने और शासकीय क्वार्टरों में भी अनधिकृत रूप से रहने की जानकारी मिली थी। इन सभी अतिक्रमणों को चिह्नित कर नगर निगम के अमले ने कार्रवाई शुरू की।
नगर निगम के अतिक्रमण शाखा ने की कार्रवाई
नगर निगम के अतिक्रमण शाखा प्रभारी कृष्णपाल रावत ने बताया कि हत्या के मुख्य आरोपित के द्वारा अनाधिकृत रूप से कब्जा किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की मौजूदगी में मकान को तोड़ दिया गया। अवैध अतिक्रमण हटाते हुए शासकीय भूमि मुक्त कराई गई।
भंडारे में विवाद के बाद हुआ था खूनी संघर्ष
उल्लेखनीय है कि रविवार रात रांझी के आजाद नगर क्षेत्र में नवरात्र के बाद भंडारे का आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ युवक तेज गति से बाइक लेकर वहां से निकले। स्थानीय लोगों ने उन्हें वाहन धीरे चलाने की समझाइश दी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि बाइक सवार युवक कुछ देर बाद अपने अन्य साथियों के साथ लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर वापस पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी।इस दौरान चाकू से किए गए हमले में दो लोगों के पैरों में गंभीर चोटें आईं, जबकि 50 वर्षीय पारस यादव के सिर में गंभीर चोट लगी थी उपचार के दौरान पारस यादव की मौत हो गई थी।