
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। दीवाली पर कार्बाइड गन के उपयोग, विक्रय और प्रदर्शन पर प्रतिबंध के बावजूद शहर और ग्रामीण क्षेत्र में इनके निर्माण और आपूर्ति का मामला सामने आया है।
कुंडम थाना पुलिस ने गुरुवार देर रात बघराजी गांव में दो स्थानों पर छापा मारकर 14 कार्बाइड गन, 11 किलो 500 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड और गन बनाने की सामग्री जब्त की।
आरोपियों से पूछताछ में राइट टाउन स्थित सुखेजा टावर के लाठिया ट्रेडर्स का नाम सामने आने पर मदन महल पुलिस ने उस दुकान पर भी कार्रवाई की, जहां से 45 किलो कैल्शियम कार्बाइड बरामद किया गया।
पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेते हुए उन पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कैल्शियम कार्बाइड की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इस व्यापार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
पुलिस को गुरुवार रात सूचना मिली थी कि कुंडम थाना क्षेत्र के बघराजी गांव में कार्बाइड गन बनाई जा रही हैं और वहां बड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइड रखा हुआ है।
कुंडम थाना प्रभारी सतीश अंधवान ने दल के साथ तुरंत संदिग्ध एक घर और एक दुकान पर दबिश दी, जहां बाजार मोहल्ला के झंडा चौक स्थित दशरथ बड़गैया (56) के घर पर सीढ़ी के पास 10 कार्बाइड गन मिली।
दशरथ की निशानदेही पर घर में एक बोरी में छिपाकर रखी गई 11 किलो 500 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड और गन बनाने की सामग्री मिली। गांव में ही चित्रांश साहू (29) के घर पर भी पुलिस ने छापा मारा। पूछताछ के बाद उसकी दुकान से चार प्लास्टिक के पाइप से तैयार बेचने के लिए रखे गए चार नग कार्बाइड गन बरामद किए।
कुंडम में छापेमारी के बाद हिरासत में लिए दोनों आरोपी दशरथ एवं चित्रांश के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एमएलबी स्कूल मार्ग के पास राइट टाउन स्थित लाठिया ट्रेडर्स के संचालक विजय साहू की दुकान से कैल्शियम कार्बाइड खरीदा था।
मदन महल थाना प्रभारी उमेश यादव ने टीम के साथ दुकान पर छापा मारकर 28 किलोग्राम कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया। आरोपी माढ़ोताल अनुश्री कालेज के सामने गोल्डन टाउन निवासी विजय साहू (49) ने दुकान में एक ड्रम में कार्बाइड (पत्थर के टुकड़े) को छिपाकर रखा था।
पूछताछ में पता चला कि आरोपित की दुकान पर वेल्डिंग सामग्री विक्रय किया जाता था। इसी की आड़ में कार्बाइड बेचा गया था। आरोपित पर जिला दंडाधिकारी के आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।
कार्बाइड गन (प्लास्टिक पाइप गन) का उपयोग खतरनाक है। इसे प्लास्टिक पाइप, गैस लाइटर और कैल्शियम कार्बाइड के मिश्रण से बनाया जाता है, जिसमें पानी डालने पर अत्यंत ज्वलनशील एसिटिलीन गैस बनती है और जोरदार धमाका होता है।
गत वर्ष दिवाली के बाद में आसपास के जिलों से कई जिलों से कार्बाइड गन से आंखों को नुकसान पहुंचने के मामले आए थे। लगभग सौ से ज्यादा मरीज जबलपुर के निजी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंचे थे।
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के अनुसार कार्बाइड गन के निर्माण से लेकर विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह खिलौना नहीं है, गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कार्बाइड गन न खरीदें, न बनाएं और न ही इसका उपयोग करें। बच्चों को भी इससे दूर रखें।
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