• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर में शैल्वी हाॅस्पिटल की तीसरी मंजिल में लगी आग का कारण आया सामने

आग की लपटें और धुआं का गुबार उठने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। अपने मरीजों को गोद में उठाकर शिफ्ट करना पड़ा। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के स्...और पढ़ें

By Sunil dahiyaEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 04:27:43 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 04:27:43 PM (IST)
जबलपुर में शैल्वी हाॅस्पिटल की तीसरी मंजिल में लगी आग का कारण आया सामने
शैल्वी हॉस्पिटल में आग लगने के बाद उठतीं लपटें। नईदुनिया

HighLights

  1. मरीजों के स्वजनों ने कहा-फायर अलार्म सिस्टम नहीं बजा
  2. नगर निगम के छह दमकल वाहन पहुंचे मौके पर
  3. मरीज और स्वजन के बीच मची रही अफरा-तफरी

नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। विजयनगर स्थित शैल्वी हस्पिटल में मरीज और स्वजन सहित स्टाफ में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब अस्पताल की बिल्डिंग के तीसरी मंजिल में आग लग गई। आग की लपटें और धुआं का गुबार उठने से अस्पताल में हड़कंप मच गया। आग लगने का कारण सामने आया है।

मरीजों को खुद निकाला

मरीजों के स्वजनों ने फायर अलार्म सिस्टम न बजने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के बाद भी फायर अलार्म ने काम नहीं किया और आग लगने से उनका कीमती सामान भी जल गया। अपने मरीजों को गोद में उठाकर शिफ्ट करना पड़ा। इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के स्वजनों के बीच तकरार व हंगामा भी हुआ।


अस्पताल के गेट पर खड़ी कर दी कार

गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के अंदर वाले गेट पर कार खड़ी कर दी। प्रबंधन की समझाइश के बाद कार को गेट से हटा लिया गया, लेकिन घटना को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए। स्वजनों का आरोप है कि आग के दौरान उनके सामान को नुकसान पहुंचा और प्रबंधन अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय मरीजों पर ही आग लगाने का आरोप लगा रहा था।

मरीज और स्वजन नीचे की मंजिलों पर शिफ्ट

आनन-फानन में नगर निगम के दमकल शाखा को सूचना दी गई और अस्पताल प्रबंधन के साथ नगर निगम के दमकल कर्मियों ने तीसरी मंजिल पर भर्ती करीब छह मरीज और उनके स्वजनों को सुरक्षित नीचे की मंजिलों पर शिफ्ट कर दिया। आग से कुछ बेड व अन्य सामान जल गया। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया वरना बड़ा हादसा भी हो सकता था।

धुआं उठते ही हरकत में आया स्टाफ, मरीज को निकाला

  • धुआं दिखाई देने के बाद अस्पताल के कर्मचारियों ने नगर निगम काे सूचना दी और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें दूसरी मंजिलों पर पहुंचाया।
  • नगर निगम का दमकल अमला भी छह दमकल वाहनों के साथ पहुंच गया और अस्पताल के स्टाफ के साथ रेस्क्यु में जुट गया।
  • जिस कक्ष में आग लगी थी उसमें करीब पांच से छह मरीज और उनके स्वजन थे जिन्हें नीचे के कक्ष में शिफ्ट करना दिया गया।
  • छह में से दो दमकल वाहनों से ही आग पर काबू लिया। नगर निगम के दमकल शाखा के मुताबिक आग लगने की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है।

अस्पताल में आग लगने की सूचना मिलते ही तुरंत टीम को रवाना कर दिया गया था। अस्पताल के फायर सिस्टम से ही आग काे काबू करने में मदद मिली। इसलिए आग को फैलने से पहले ही कंट्रोल कर लिया गया।

कुशाग्र ठाकुर, अग्नि शमन अधिकारी, नगर निगम

तीसरे तल पर प्राइवेट रूम नंबर 315 में शाॅर्ट सर्किट हुआ था। मरीज के परिजन कोई इलेक्ट्राॅनिक डिवाइस चार्ज कर रहे थे, इस दौरान चिंगारी निकली। धुआं भरने की सूचना मिलते ही अस्पताल का स्टाफ एक्टिव हुआ और दूसरे प्राइवेट रूम के मरीजों को भी अन्यत्र शिफ्ट किया। अस्पताल में मौजूद फायर उपकरणों से आग पर काबू पा लिया गया। मौके पर ननि का फायर बिग्रेड अमला भी पहुंचा।

अंकित जैन, डिप्टी सीईओ, शैल्वी हाॅस्पिटल

यह भी पढ़ें- खेल श्रेणी के हथियार लाइसेंस रद करने का आदेश निरस्त, हाईकोर्ट ने भोपाल जिला मजिस्ट्रेट के फैसले को किया खारिज