छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड : थोक दवा विक्रेता को जमानत, डाॅक्टर ने अर्जी वापस ली
जहरीले कफ सीरप के सेवन से 24 बच्चों की मौत हुई थी। जांच में कफ सीरप में 46 प्रतिशत डीआईडी पाए जाने की बात सामने आई थी।
Publish Date: Sat, 19 Sep 2026 06:16:56 PM (IST)Updated Date: Sat, 19 Sep 2026 06:16:56 PM (IST)
जमानत आवेदन में तर्क था कि कफ सीरप के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।HighLights
- थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी पर भी प्रकरण दर्ज
- अक्टूबर 2025 में किया गया था गिरफ्तार
- करीब 11 माह से न्यायिक हिरासत में थे
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। छिंदवाड़ा कफ सीरप कांड के मामले में हाई कोर्ट ने थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी को जमानत का लाभ दिया है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया।
जमानत आवेदन वापस लेने का आग्रह किया
वहीं मामले में आरोपी बनाए गए डाॅ. एसएस ठाकुर की ओर से सुनवाई के दौरान जमानत आवेदन वापस लेने का आग्रह किया गया, जिसे स्वीकार करते हुए एकलपीठ ने आवेदन निरस्त कर दिया।
कंपनी श्रीसन के मालिक समेत कई पर प्रकरण दर्ज किया था
पुलिस ने जांच के बाद कफ सीरप बनाने वाली कंपनी श्रीसन के मालिक रंगनाथन गोविंदन, केमिस्ट, तीन डाॅक्टर सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। मामले में पूर्व में आरोप्भ् बनाए गए ज्योति सोनी और सौरभ को भी जमानत मिल चुकी है।
11 माह से न्यायिक हिरासत में था विक्रेता
- थोक दवा विक्रेता राजेश सोनी के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज कर अक्टूबर 2025 में गिरफ्तार किया था।
- उनकी ओर से दायर जमानत आवेदन में तर्क था कि कफ सीरप के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
- दवा का स्टाक आने के बाद उन्होंने उसकी बिक्री की थी। वह करीब 11 माह से न्यायिक हिरासत में थे।
- एकलपीठ ने सुनवाई के बाद उन्हें जमानत का लाभ प्रदान कर दिया।
डाॅक्टर ने वापस ली जमानत अर्जी
मामले में आरोपी बनाए गए डाॅ. एसएस ठाकुर की ओर से जमानत के लिए आवेदन दायर किया गया था। सुनवाई के बाद उनकी ओर से आवेदन वापस लेने का आग्रह किया गया। एकलपीठ ने आग्रह स्वीकार करते हुए जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।
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