• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

जबलपुर कैंट भाजपा विधायक के खिलाफ परिवाद खारिज, कोर्ट ने कहा- संदेह के आधार पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता

स्वतंत्र गवाह के बयान में आरोपितों की संख्या को लेकर भी अंतर है। ऐसे में परिवाद में संज्ञान लिए जाने योग्य पर्याप्त तथ्य नहीं पाए गए। इसी आधार पर परिव...और पढ़ें

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 06:26:12 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 06:26:12 PM (IST)
जबलपुर कैंट भाजपा विधायक के खिलाफ परिवाद खारिज, कोर्ट ने कहा- संदेह के आधार पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता
बयान के बाद धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अभियुक्त का नाम जोड़े जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।

HighLights

  1. प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों का किया गया परीक्षण
  2. स्वतंत्र गवाह हिमांशु पिल्ले ने भी चार-पांच लोगों की बात कही
  3. परिवादी ने 20-25 लोगों के हमला किए जाने का कथन किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जबलपुर कैंट क्षेत्र के भाजपा विधायक अशोक रोहाणी के खिलाफ मारपीट के आरोप में दायर परिवाद को एमपी-एमएलए कोर्ट ने निरस्त कर दिया।

उकसाने संबंधी कोई तथ्य सामने नहीं आया

विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट डीपी सूत्रकार ने प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के परीक्षण के बाद कहा कि परिवादी के आरोपों में विधायक के घटना स्थल पर मौजूद होने अथवा उनके द्वारा मारपीट के लिए उकसाए जाने संबंधी कोई तथ्य सामने नहीं आया। केवल संदेह के आधार पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।

रोहाणी सहित अन्य के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत किया

परिवादी जबलपुर निवासी निशांत शर्मा की ओर से दर्ज एफआइआर के आधार पर कैंट थाने में अपराध दर्ज किया गया था। बाद में विधायक अशोक रोहाणी सहित अन्य के विरुद्ध परिवाद प्रस्तुत किया गया। विधायक अशोक रोहाणी की ओर से अधिवक्ता संदेश दीक्षित ने पक्ष रखा।


केवल विधायक के इशारे का संदेह व्यक्त किया

अदालत ने आदेश में उल्लेख किया कि लिखित आवेदन में क्षेत्रीय विधायक के इशारे पर उनके गुंडों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया था, जबकि पुलिस के समक्ष दिए गए कथनों में घटना को लेकर केवल विधायक के इशारे का संदेह व्यक्त किया गया।

चार-पांच लोगों के मारपीट करने की बात कही

धारा 65-बी के प्रमाण पत्र में सुंदर अग्रवाल, संजय जैन, आशीष राव और छोटू सिंह पर मारपीट करने का उल्लेख है। स्वतंत्र गवाह हिमांशु पिल्ले ने भी चार-पांच लोगों द्वारा मारपीट किए जाने की बात कही, जबकि परिवादी ने 20-25 लोगों के हमला किए जाने का कथन किया।

मारपीट के लिए प्रेरित करने का कोई प्रत्यक्ष तथ्य नहीं

अदालत ने कहा कि मूल प्रकरण में परिवादी के बयान के बाद धारा 319 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अभियुक्त का नाम जोड़े जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। लेकिन मौजूदा परिवाद में विधायक के घटना स्थल पर उपस्थित होने अथवा उनके द्वारा मारपीट के लिए प्रेरित किए जाने का कोई प्रत्यक्ष तथ्य नहीं है।

20 मार्च 2023 की घटना का मामला

परिवादी ने आरोप लगाया था कि कैंट क्षेत्र में मतदाता सूची से करीब 25 हजार नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर वह लंबे समय से सक्रिय था। 20 मार्च 2023 को सदर क्षेत्र में बैठक के बाद उसके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया था। इस घटना को विधायक अशोक रोहाणी से जोड़ते हुए परिवाद दायर किया गया था। अदालत ने उपलब्ध सामग्री के आधार पर विधायक के विरुद्ध संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।

यह भी पढ़ें- दतिया उपचुनाव: कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती, शपथपत्र में जानकारी छिपाने का आरोप