
अतुल शुक्ला, नईदुनिया जबलपुर। तहसीलों में राजस्व संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंच रहे आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व प्रकरणों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में देरी का असर अब सीएम हेल्पलाइन के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। जबलपुर संभाग के नौ जिलों में राजस्व विभाग की 8,104 शिकायतें लंबित हैं।
इनमें 3,130 शिकायतें 100 दिन से अधिक पुरानी, जबकि 1,898 प्रकरण छह माह से भी ज्यादा समय से लंबित हैं। यानि करीब 39 फीसदी शिकायतें 100 दिन की अवधि पार कर चुकी हैं और लगभग 23 फीसदी शिकायतें छह माह से अधिक पुरानी हो गई हैं। जिलेवार स्थिति देखें तो कटनी 1,391 शिकायतों के साथ सबसे अधिक लंबित प्रकरण वाला जिला है।
जबलपुर में 1,324, सिवनी में 1,235 और बालाघाट में 1,080 शिकायतें लंबित हैं। इन चार जिलों में कुल 5,030 शिकायतें हैं, जो संभाग की कुल लंबित शिकायतों का करीब 62 प्रतिशत है। छिंदवाड़ा में 967 और नरसिंहपुर में 947 शिकायतें लंबित हैं। मंडला, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी सैकड़ों मामले निराकरण की प्रतीक्षा में हैं।
100 दिन से अधिक लंबित 3,130 मामलों में एल-3 के 1,500 और एल-4 के 1,469 प्रकरण हैं। छह माह से पुराने 1,898 मामलों में एल-3 के 879 और एल-4 के 952 प्रकरण शामिल हैं। आंकड़े बताते हैं कि पुराने मामलों का बड़ा हिस्सा उच्च स्तर की लंबित श्रेणियों में हैं।
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