'मुख्यमंत्री जनता के प्रति जवाबदेह', कोर्ट ने सीएम के निर्देश पर टीकमगढ़ के सहकारिता विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार के निलंबन पर लगाई मुहर
हाई कोर्ट से टीकमगढ़ के सहकारिता विभाग में पदस्थ निलंबित डिप्टी रजिस्ट्रार एसपी कौशिक को राहत नहीं मिली है।
Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 08:10:54 PM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 08:10:54 PM (IST)
HighLights
- मामला 24 अगस्त 2026 को जारी निलंबन आदेश से संबंधित है
- डिप्टी रजिस्ट्रार ने निलंबन आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी
- एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज की
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट से टीकमगढ़ के सहकारिता विभाग में पदस्थ निलंबित डिप्टी रजिस्ट्रार एसपी कौशिक को राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की युगलपीठ ने निलंबन के खिलाफ अपील खारिज करते हुए एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखा।
कोर्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य के मुखिया के रूप में जनता के प्रति जवाबदेह हैं। उनके निर्देश पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश को गलत नहीं ठहराया जा सकता।
मामला 24 अगस्त 2026 को जारी निलंबन आदेश से संबंधित है
मामला 24 अगस्त 2026 को जारी निलंबन आदेश से संबंधित है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के टीकमगढ़ प्रवास के दौरान सहकारिता विभाग के कामकाज में लापरवाही और अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसे संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी के निलंबन के निर्देश दिए थे।
डिप्टी रजिस्ट्रार ने निलंबन आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी
डिप्टी रजिस्ट्रार एसपी कौशिक ने निलंबन आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। एकलपीठ से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने युगलपीठ के समक्ष अपील प्रस्तुत की। इसमें 24 अगस्त 2026 के निलंबन आदेश को निरस्त करने की मांग की गई थी।
एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज की
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता जान्हवी पंडित ने पक्ष रखा। युगलपीठ ने एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। कोर्ट ने मुख्यमंत्री की जनता के प्रति जवाबदेही का उल्लेख करते हुए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी निलंबन आदेश को गलत ठहराने से इन्कार कर दिया।