
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। 1235 करोड़ रुपये की लागत से बने मध्य प्रदेश के सबसे लंबे फ्लाईओवर की दमोहनाका रोटरी पर सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी वाहन चालकों के लिए खतरा बनती जा रही है। यहां लोहे की प्लेटें लगातार चोरी हो रही हैं।
अब इनर और आउटर, दोनों सर्किल से बड़ी संख्या में प्लेटें गायब हैं। इनके निकलने से सड़क के बीचों-बीच करीब दो-दो इंच चौड़े और गहरे गैप बन गए हैं। इनसे गुजरते समय वाहन चालकों को झटके लग रहे हैं।
स्थिति यह है कि पुल के जोड़ पर प्लेटें लगाने के बजाय विभाग ने कुछ जगह खाली हिस्सों को सीमेंट और केमिकल के मिश्रण से भर दिया है। हालांकि, इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
पुल के जोड़ पर लगी प्लेटें केवल सड़क की सतह को समतल रखने के लिए नहीं होतीं, बल्कि तापमान में बदलाव के कारण पुल के फैलने और सिकुड़ने के प्रभाव को समायोजित करने वाली तकनीकी व्यवस्था का भी हिस्सा हैं। ऐसे में प्लेटों की जगह सीमेंट-केमिकल का मसाला भर देना तकनीकी रूप से सुरक्षित विकल्प नहीं माना जा सकता। जोड़ की उचित मरम्मत और प्लेटों की बहाली जरूरी है।
दमोहनाका रोटरी पर प्लेटें गायब होने की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। शुरुआत में एक-दो प्लेटें गायब हुई थीं, लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ती गई। बताया जा रहा है कि दशहरा चल समारोह के बाद से स्थिति लगातार खराब हुई है।
अब इनर और आउटर सर्किल में बड़ी संख्या में प्लेटें गायब होने से सड़क के बीच खतरनाक गैप बन गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि लोहे की प्लेटें चोरी कर ली गई हैं। लगातार प्लेटें गायब होने के बावजूद सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों और राहगीरों के अनुसार, फ्लाईओवर और रोटरी पर सुरक्षा व निगरानी का अभाव है। शाम ढलने के बाद यहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने और शराब पीने की गतिविधियां होने की शिकायतें हैं।
रोटरी के पास खाली गैप में शराब की खाली बोतलें और कचरा मिलने की तस्वीरें भी सामने आई हैं। ऐसे हालात में सवाल उठता है कि जिस फ्लाईओवर पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, वहां लोहे की प्लेटें लगातार कैसे गायब हो रही हैं और उनकी निगरानी क्यों नहीं हो पा रही है।
फ्लाईओवर के जोड़ पर बने गैप को केवल ऊपर से भर देना पर्याप्त नहीं है। गायब प्लेटों को तकनीकी मानकों के अनुसार दोबारा लगाना और जोड़ की स्थिति की जांच करना जरूरी है। साथ ही, प्लेटों की चोरी रोकने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। समय रहते सुधार नहीं हुआ तो वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया सवारों के लिए यह स्थिति गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
प्लेटों को चोरी किया गया है। बो स्टिंग ब्रिज में पहले ही चोरों ने वहां लगी काॅपर की वायर तक तक चोरी कर ली। दमोहनाका पर बनी रोटरी में लगी प्लेट की जगह पाक्सी कर लेबल मटेरियल को लेबल किया जा रहा है। हालांकि प्लेट लोहे की होने से चोरी हो रही है इसलिए अब रबर की प्लेट लगाने पर विचार किया जा रहा है।
विनोद बरकरे, ईई लोक निर्माण विभाग क्रमांक दो
यह भी पढ़ें- जबलपुर में टेलीग्राम पर ऑनलाइन नौकरी का झांसा, क्यूआर कोड भेजा, लिंक पर क्लिक करते ही रकम ट्रांसफर