
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कूनो नेशनल पार्क से गंभीर रूप से घायल अवस्था में लाए गए एक चीते की जबलपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई।
चीते को सोमवार रात करीब 11:50 बजे नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (एनडीवीएसयू) के वेटरनरी साइंस एवं एनिमल हसबेंड्री कॉलेज के सर्जरी एवं रेडियोलॉजी विभाग में लाया गया था।
जांच में उसके शरीर में कई जगह धातु के टुकड़े और गोली के छर्रे मिले। चिकित्सकों ने ऑपरेशन कर पांच छर्रे निकाले, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह करीब 5:10 बजे चीते ने दम तोड़ दिया।
विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डाॅ. शोभा जावरे के अनुसार, चीते के शरीर पर कई घाव थे। उसके पिछले दोनों पैरों में लकवे जैसी स्थिति थी और पेशाब रुक गया था। इससे रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण तंत्रिका तंत्र प्रभावित होने की आशंका थी। चोटों की स्थिति और गंभीरता जानने के लिए सीटी स्कैन कराया गया।
सीटी स्कैन में पहली लंबर कशेरुका में, 13वीं वक्षीय कशेरुका (टी-13) और पहली लंबर कशेरुका के बीच तथा टी-13 के आगे की ओर धातु के टुकड़े मिले।
बाएं कंधे के पास त्वचा के नीचे दो धातु के टुकड़े और दाएं फेफड़े के ऊतकों में भी एक टुकड़ा मिला। चिकित्सकों की टीम ने जनरल एनेस्थीसिया देकर ऑपरेशन किया।
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