
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नियमितीकरण से पहले की अस्थायी सेवा को पेंशन के लिए अर्हकारी सेवा में जोड़ने की मांग पर हाई कोर्ट ने शासन को याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर 60 दिन में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता विकास माहावर और शासन की ओर से शासकीय अधिवक्ता ऐश्वर्या सिंह ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ताओं के अनुसार वर्ष 2014 में उनका नियमितीकरण हुआ था। इसके चलते उन्हें नई पेंशन योजना के दायरे में रखा गया।
उनका कहना था कि नियमितीकरण से पहले की गई अस्थायी सेवा को अर्हकारी सेवा में शामिल किया जाए तो वे पुरानी पेंशन योजना के लाभ के पात्र हो सकते हैं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड बनाम सतनाम सिंह और हाई कोर्ट के नरेश कुमार पांडेय बनाम मध्य प्रदेश शासन मामले में 23 अप्रैल 2026 के आदेश का हवाला दिया।
कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को दोनों निर्णयों के आलोक में अभ्यावेदन पर विचार कर 60 दिन में निर्णय लेने को कहा है। समानता पाए जाने पर याचिकाकर्ताओं को भी लाभ देने के निर्देश दिए हैं।
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