
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नगर निगम में डीजल संकट को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि कचरा परिवहन में लगे ट्रिपर और अन्य वाहनों को पर्याप्त डीजल नहीं मिल पा रहा है।
कई वाहनों को महज 2-3 लीटर ईंधन दिए जाने से उनके संचालन पर असर पड़ रहा है। विपक्ष का दावा है कि शहर के कई इलाकों में पिछले तीन दिन से कचरा उठाने वाले ट्रिपर नहीं पहुंचे हैं।
विपक्ष के मुताबिक, नियमित कचरा परिवहन के लिए वाहनों को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराना जरूरी है। डीजल की कमी के कारण यदि वाहन निर्धारित रूट पर नहीं पहुंचते हैं तो इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ता है। आरोप है कि निगम की ओर से समय पर भुगतान और ईंधन की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है।
मामले को लेकर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि सफाई व्यवस्था जैसी जरूरी सेवा में ईंधन की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि वाहनों को जरूरत के मुताबिक डीजल नहीं मिलेगा तो कचरा उठाने का पूरा चक्र प्रभावित होगा और इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा।
महापौर ने डीजल संकट और पैसों की कमी के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नगर निगम के पास डीजल के लिए पैसों की कोई कमी नहीं है।
ऐसे में कचरा वाहनों के संचालन में आ रही दिक्कत का वास्तविक कारण क्या है, यह निगम स्तर पर स्पष्ट किया जाना बाकी है। फिलहाल डीजल आपूर्ति और कचरा परिवहन व्यवस्था को लेकर निगम और विपक्ष आमने-सामने हैं।
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