
अतुल शुक्ला, नईदुनिया जबलपुर। शहर की छोटी-बड़ी दुकानों में मेवे, मावा और अन्य सामग्री से मिठाइयां तैयार करने से लेकर आकर्षक डिब्बों में पैकिंग तक की तैयारियां चल रही हैं, लेकिन इस चमक-दमक के बीच एक अहम सवाल यह है कि ग्राहक जिस मिठाई को घर ले जा रहा है, उसे कितने समय तक सुरक्षित खाया जा सकता है।
शहर की तीन बड़ी मिठाई दुकानों में सामने आई स्थिति के अनुसार, पहले से पैक खाद्य पदार्थों पर तारीख की जानकारी मिलने के बावजूद ग्राहक के सामने खुली मिठाई डिब्बे में भरकर देने पर ऐसी जानकारी अक्सर नहीं दिखाई देती। हालांकि, खुले में बेची जाने वाली मिठाइयों और पहले से पैक मिठाइयों के लिए नियम अलग-अलग हैं।
खाद्य एवं औषधि विभाग को ही मिठाईयों की एक्सपायरी डेट से जुड़ी जांच करना होता है, लेकिन जिले में अब तक हुई कार्रवाई में इस बात को अक्सर नजर अंदाज कर दिया जाता है।
दरअसल मिठाई दुकानों के संचालक या कर्मचारी, बाक्स में रखकर मिठाई देता है, लेकिन तिथि नहीं देता। अक्सर मिठाई खरीदने के बाद उनकी गुणवत्ता को लेकर ग्राहक शिकायत भी करते हैं।
रक्षाबंधन के दौरान करीब एक दर्जन से ज्यादा ऐसी शिकायत आई, लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने नियम न होने का हवाला देकर इसे नजरअंदाज कर दिया। दीपावली में चल रही कार्रवाई में अभी तक ऐसे शिकायतों को न तो दर्ज किया गया और न ही कार्रवाई तक पहुंचाया गया।
चंद्रकला स्वीट्स : यहां 600 से 1800 रुपये प्रति किलो तक की मिठाइयां बेची जा रही हैं। मिठाई की ट्रे पर तारीख दर्ज मिली, लेकिन ग्राहक को दिए जाने वाले डिब्बे पर ऐसी जानकारी नहीं थी। संचालक कमल कुमार का कहना था कि मिठाई के डिब्बे पर तारीख लिखना संभव नहीं है।
बड़कुल स्वीट्स : दुकान पर ग्राहक को खुली मिठाई पैक करके दिए जाने वाले डिब्बे पर उपयोग की अंतिम तारीख दर्ज नहीं मिली। दुकान संचालक इशांत ने बताया कि मिठाई के डिब्बों पर ऐसी तारीख नहीं लिखी जाती।
हीरा स्वीट्स : यहां पहले से पैक खाद्य पदार्थों पर तारीख की जानकारी थी, लेकिन ग्राहक के लिए खुली मिठाई पैक करने वाले डिब्बे पर यह जानकारी नहीं दिखी। दुकान संचालक आशीष का कहना था कि खुले में रखी मिठाई के डिब्बे पर मिठाई के उपयोग संबंधी जानकारी दी जाती है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने सात नवंबर 2023 के निर्देश में स्पष्ट किया था कि खुली या बिना पैकिंग वाली मिठाइयों के कंटेनर पर ''बेस्ट बिफोर'' तारीख लिखना अनिवार्य नहीं है। दूसरी ओर, पहले से पैक मिठाई के डिब्बों पर लागू खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग नियमों के अनुसार एक्सपायरी तिथि लिखना जरूरी है। हालांकि जांच के दौरान खाद्य एवं औषधि विभाग इसे गंभीरता से नहीं लेता है।
मिठाई की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका अहम है। विभाग नमूनों की जांच, साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और नियमों के पालन की निगरानी करता है। लेकिन खुली मिठाई के डिब्बे पर तारीख नहीं लिखी होने को सीधे नियमों का उल्लंघन बताने से पहले संबंधित प्रावधानों की पुष्टि जरूरी है। त्योहार के दौरान विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाला मावा, खोया, घी और अन्य सामग्री सुरक्षित हो तथा भंडारण और बिक्री में स्वच्छता के मानकों का पालन किया जाए।
खुली मिठाई के बाक्स में एक्सपायरी डेट लिखा जाना चाहिए, लेकिन अक्सर इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं। इस पर कार्रवाई भी होती है। इस बार भी हम इसकी जांच करेंगे।
देवकी सोनवानी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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